नमस्कार दोस्तों मेरा नाम आशीष है मेरी उम्र 22 साल है, हाइट 5’10 इंच है, रंग गोरा है और एक्सरसाइज़ की हुई बॉडी है मैं लखनऊ में रहता हूँ,जब मैं 18 साल का था तब का एक्सपीरियंस आप लोगों को बता रहा हूँ,मेरे घर के बगल में एक आंटी रहती है,उनका नाम आकांक्षा है,वो टीचर है और मेरी मम्मी की अच्छी दोस्त है मेरी मम्मी गवर्नमेंट जॉब में है और शाम को 4 बजे के बाद घर आती है
पहले मैं अपनी आंटी के बारे में बता दूँ,वो 32-35 साल की है और वो बहुत ही सुंदर और गोरी है वो मेरे घर अक्सर आया करती है, उनकी हाइट करीब 5’7 होगी और फिगर 38-30-38 होगा। उनका कोई बच्चा नहीं है मुझे वो बचपन से ही बहुत प्यार करती है और मैं उनके घर अक्सर जाया करता था पर मैंने उनसे हसी मज़ाक के अलावा कभी बुरी नज़र से नहीं देखा,वो भी मुझसे मज़ाक करती थी और छेड़ती थी,
उनके पति बाहर प्राइवेट जॉब में थे और घर कम आया करते थे,मम्मी ने बताया था कि उनके पति बहुत ड्रिंक करते हैं और अक्सर लड़ाई-झगड़ा होने के कारण उनके पति से तलाक होने वाला है इसलिए वो घर काम आते हैं वो मुझसे अपने छोटे मोटे काम करवाती थी और मम्मी भी उनकी हेल्प करती थी लेकिन तब की बात है जब मैं कॉलेज में दो-तीन दिन गया था और घर दो बजे के बाद आता था,मम्मी चाबी आंटी को सुबह दे जाती थी, और मैं
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आंटी से दोपहर में ले लेता था मैं आंटी के घर गया था तो आंटी स्कूल से आ गई थी और उन्होंने सारी पहनी हुई थी, वो स्कूल सारी ही पहन के जाती थी। आंटी ने पूछा तुमने खाना खाया तो मैंने कहाँ नहीं, मैं सीधे घर जाकर सो जाऊंगा ये सुनते ही उन्होंने कहा मेरे यहा खा लो, तेरी मम्मी का फ़ोन आया था वो सीधे ऑफिस से हॉस्पिटल चली जाएँगी क्यों कि उनकी किसी ऑफिस के दोस्त का एक्सीडेंट हो गया है और रात में देर से ही आ पाएंगी
मैंने कहाँ ठीक है मैंने खाना खाया फिर आंटी मुझे बात करने लगी और फिर मुझे ज़रूरत आने लगी फिर वो बोली तू सो जा माँ भी सो जाती हूँ कहकर दूसरे कमरे में चली गई,मैं लेता ही था, अचानक मैं चादर और तकिया लेने के लिए उनके कमरे में जाने लगा तो उसमें पर्दा पड़ा था,मैं जैसे ही अंदर घुसने लगा मैंने देखा आंटी अपनी साड़ी उतार रही थी और उनकी नाइटी बिस्तर पर पड़ी थी,मैं तुरन्त बाहर आ गया,आंटी मुझे देख नहीं पाई थी,
मैं पर्दे के कोने से देख रहा था,उन्होंने अपनी साड़ी उतारी और बिस्तर पर डाल दी,अब वो ब्लाउज और पेटीकोट में मेरे सामने कढ़ी थी, उनकी पीठ मेरी तरफ थी,उनके हिप्स काफी बड़े थे और ऊपर उठे हुए थे,पेटीकोट टाइट होने के कारण उनका आकार साफ दिख रहा था,ये देखते ही में एक दम हुक्का-बुक्का रह गया। अब वो ब्लाउज उतारने लगी,अब तो नीला रंग की ब्रा में थी और उनके स्तन बड़े और सुंदर लग रहे थे,उनका सीना काफी गोरा
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और खूबसूरती था,मेरा लंड अपने आप खड़ा होने लगा,वो सुंदर तो थी ही पर अब तो वो गजब की लग रही थी,अब उन्होंने अपना पेटीकोट उतारा और वो काली पैंटी में थी,उनके कूल्हे काफी बड़े थे उन्हें बस चूमने का मन कर रहा था,उनके हिप्स बड़े होने के कारण पैंटी बीच में घुस गई थी और थोड़ी पसीने से गीली भी थी। यह सब देखकर मेरा लंड एक डैम टाइट हो गया था और मैं उसे निकाल कर सहलाने लगा,उनका पेट बहुत ही चिकना था और
नाभि सुंदर और खूबसूरत थी, बस उसे छूने का मन कर रहा था। फिर उन्होंने अपनी पैंटी उतारी और फिर ब्रा, अब वो पूरी नंगी थी और अपने को शीशे में देख रही थी,उनके बूब्स हवा में लटक रहे थे और उनकी चिकनी बड़ी जांघे मुझे पागल कर रही थी,उनके हिप्स बिल्कुल चिकने, टाइट और बड़े थे फिर उन्होंने अपनी नाइटी पहन ली जो ब्लू कलर की स्लीवलेस थी,तुम्हारी नाइटी शायद गाउन के अंदर पहनी होगी क्योंकि वो बहुत ही सेक्सी थी,
उसके बाद वो बेड पर लेट गई मैं थोड़ी देर के बाद तकिया लेने गया क्योंकि मेरे लंड का बुरा हाल था,मैं उनकी चिकनी नाइटी में से उनके निप्पल और बड़ी बड़ी जांघे साफ देख रहा था मैं तकिया मांगा तो उन्हें कहाँ तू यही सो जा यहाँ रूम में ए.सी चल ही रहा है,कहाँ तू दूसरे कमरे में गर्मी में सोएगा मैंने शर्माया कई बार मना किया पर उन्होंने मेरा हाथ पकड़कर खींच लिया अपने बगल में,वो मुझे अभी भी पहले जैसे बच्चे की तरह पेश आती थी,
वो मेरी तरफ पीठ करके सो रही थी,उनके हिप्स को देखते हुए मैं कब सो गया पता नहीं चला जब मेरी नींद टूटी तो मैंने देखा कि मेरा हाथ उनके पेट पर रखा था,उनकी नाइटी उनके घुटने से ऊपर आ गई थी और उनकी बड़ी गोरी जांघे दिख रही थी और मेरा अपना चेहरा उनकी चूचियों के साइड पर घुसा दिया और कुछ देर बाद वो अपने हाथ मेरे सर पर रख दिया जिस से मेरा चेहरा उनके बूब्स में दब रहा था और मुझे उनके सॉफ्ट बूब्स मेहसूस हो रहे थे
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ये देख कर मैंने नींद में अपना पैर उनके पैर के बीच में रख दिया और मेरा लंड उनकी जांघ में टच होने लगा और टाइट हो गया,फिर में मज़ा लेते लेते सो गया,मैंने डर के कारण ज्यादा कुछ नहीं किया,जब शाम को मैं उठा तो मैं वैसी ही पोजीशन में सो रहा था,बस आंटी नहीं थी,मैं समझ गया कि आंटी ने मुझे सोते हुए देख लिया होगा और नींद में होने के कारण कुछ नहीं समझा होगा मैंने उठ कर देखा कि आंटी चाय बना रही थी,वो बोली उठ गए
तुम,बड़ी गहरी नींद में सोते हो और हंसने लगी,मेरी समझ में आ गया,मैंने पूछा आप हस क्यों रही है वो मेरे गाल को खिंचते हुए बोली कितना सीधा है चल हाथ मुंह धो कर चाय नाश्ता कर ले फिर मार्केट चलते हैं सामान खरीदने और फिर आंटी चेंज करने चली गई,फिर थोड़ी देर बाद वो साड़ी पहन कर आ गई मैंने कहा आप काफी अच्छी लग रही हो,वो बोली तू बड़ा मुझे नोटिस करने लग गया और मेरे गाल पर हाथ फेर कर चली गई,वो बोली
मैं पर्स ले कर के बहुत हूँ और मुड़ कर जाने लगी,वो मेरी तरफ मुड़ी कर चल रही थी तब ही मैंने देखा कि पीछे उनकी ब्रा की स्ट्रिप उनके ब्लाउज से बाहर दिख रही थी मैंने सोचा कैसे बताओ उन्हें, तभी वो कमरे में से बोली तेरी कॉलेज में कोई गर्लफ्रेंड बनी मैंने कहा लड़की तो है पर जैसी लड़की मुझे पसंद है वैसी तोकोई भी नहीं दिखी उन्होंने पूछा तुझे कैसी पसंद है मैंने कहा जिसका नेचर अच्छा हो,क्या बताऊं जैसा आपका वो सामने
आकर बोली तुझे मेरा नेचर पसंद है मैंने कहा बहुत पसंद हो, आप कितनी केयरिंग हों,अगर आप मेरी उम्र की होती तो आपसे ही शादी करता,वो बोली पागल,बात बनाना तो कोई तुझ से सीखे मैंने कहा ऐसा मुझे आप अकेले बोर नहीं होतीं,उन्होंने कहा तुम आ जाते हो कितनी बातें तुमसे ही कर लेती हूँ,वो दोनों हाथ मेरे गालों पे रख कर बोली यह भी तो तेरा ही घर है,आ जाया कर मेरा मन तेरे साथ लग जाता है,आगे की कहानी अगले भाग में..
Note ये कहानी सत्या घटना है केवल नाम और स्थान बदले हुए हैं..
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