नमस्कार दोस्तों मेरा नाम राजन है और मेरी भाभी जो की बहुत ही हॉट गोरी और सेक्सी है, गांड चौड़ी है मस्त कजरारे नैन है, चूचियां गोल गोल और 34 साइज की ब्रा पहनती है,अगर आपको ऐसे माल को चखने का मजा होली में मिल जाए तो आप खुद सोचिए कितना मजा आयेगा,मुझे बहुत मजा आया था,
रंग लगाने से लेकर चुदाई करने तक भाभी का नाम सुमन है उम्र 22 साल, भैया रहते है विदेश में तो छुट्टी नहीं मिली थी होली पर तो नई नवेली भाभी को रंग लगाकर चोदना तो बनता है,होली के दिन पापा मम्मी जल्दी उठकर स्वादिष्ट भोजन बनाया,होलिका पूजा की और फिर हम चारो मिलकर एक दूसरे को रंग लगाए,
पैर छूकर प्रणाम किया,फिर मैं होली खेलने अपने दोस्तों के साथ चला गया,मम्मी पापा दोनों को नानी घर जाना था तो वो दोनों निकल गए बोल के गए की शाम तक आ जाएंगे मैं दोस्तों के साथ खूब मजे किये खूब रंग खेला बियर भी पी भांग भी पी,करीब दो बजे जब घर वापस आया तो देखा भाभी अंदर कमरे में लेटी थी,
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उनको देखकर मुझे अच्छा नहीं लगा क्यों की उनकी पहली होली थी यहाँ पर पिछले साल वो मायके में ही थी,तो देखकर मुझे दुःख हुआ की सब लोग होली खेल रहे हैं और मेरी भाभी का चेहरा उदास था,मैंने कहा भाभी अब मैं आपको रंग लगाऊंगा आप आँगन में आ जाओ भाभी बोली नहीं नहीं मुझे रंग नहीं लगाना,
मुझे होली खेलना अच्छा नहीं लगता मैंने कहा ठीक है होली अच्छी नहीं लगती है तो कुछ और ही खेल लो,भाभी बोली नहीं जी मुझे कुछ भी नहीं खेलना और खेलने का होगा तो भैया के साथ अगले साथ खेलूंगी,तो मैंने कहा कर दिया ना मुझे पराया ये बोल कर और सच बताऊँ दोस्तों मेरे आँख में आंसू आ गया,
भाभी को जब इस बात का एहसास हुआ तो बोली ओह्ह्ह्हह गलती हो गई देवर जी बस यूँ ही कह दिया मजाक में आप बुरा नहीं मानना, ऐसा भी होली में कभी बुरा नहीं मानते और फिर उन्होंने कहा ठीक है जी भर के रंग लगा लो जितना लगना है और जहाँ जहाँ लगना है आज मैं मना नहीं करुँगी,
इतना सुनते ही मैंने कहा थैंक्स भाभी आ जाओ अपने देवर के साथ रंग खेल लो और मैं रंग हाथ में लिया और पानी हाथ पर मिलाकर उनके गाल पर रंग मलने लगा,गोरे गोरे गाल लाल लाल हो गए,पर मेरी नियत ख़राब हो गई,मेरी धड़कन तेज हो गई और मैं धीरे धीरे मेरे हाथ के स्पर्श में कामुकता भर आई,
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और मेरे हाथ उनके गालों को और होठ को महसूस करने लगे मैंने रंग फिर से लिया पानी डाला और गर्दन पर लगाने लगा और कांपते हाथों से उनके ब्लाउज के ऊपर से लगाने लगा,उन्होंने कहा नहीं नहीं उतना नहीं ये आपका नहीं है भैया का है,मैंने कहा फिर से कह दिया आपने भैया का है,अभी आपने कहा था,
की जितना लगाना है रंग लगा फिर आप मना कर रहे हैं उन्होंने कहा चलो लगा लो पर मेन दरवाजा तो बंद कर दो कोई आ गया तो,ओह्ह्ह्हह्ह्ह्हह इतना सुनते ही मैं मेन गेट के तरफ भागा और जल्दी लगा कर आ गया,ग्रीन सिग्नल मिल गया था,घर में मेरे और भाभी के अलावा कोई नहीं था,इससे बढ़िया मौक़ा क्या हो सकता है,
किसी भी लड़के के लिए,मैं तुरंत आकर रंग उनके ब्लाउज के ऊपर से लगाने लगा,उन्होंने साडी का पल्लू गिरा दिया ओह्ह्ह्हह बड़ी बड़ी गोल गोल सुडौल चूचियां ब्लाउज के ऊपर से ही दिख रही थी मैंने ऊपर से थोड़ा ही लगाया की मैंने ब्लाउज का हुक खोलने लगा,हुक खुलते ही मैंने उनका ब्रा उतार दिया,
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और बूब्स पर रंग मसलने मसलने लगा,गोरा गोरा बूब्स देखकर तो मेरा दिमाग ख़राब हो गया टाइट थी उनकी चूचियां मैंने तुरंत ही रंग लगा कर लाल कर दिया। उसके बाद मैंने उनका पेटीकोट उठाया तो वो शरमाने लगी ओर बोली नहीं नहीं देवर जी,मैंने चूचियां दे दी अब नहीं बस मेरी इज्जत है ये,मैंने कहा कुछ नहीं होगा,
होली में ये सब चलता है,उन्होने कुछ नहीं बोला उसके बाद मैंने तुरंत खींच दी घुटने से नीचे कर दिया फिर पेटीकोट उठाकर उनके गांड में रंग लगाने लगा ओह्ह्ह उनका मस्त मस्त चूतड़ में जब रंग लगाने लगा उसी समय उनके चेहरे का हाव भाव बदल गया,वो दांत पीसने लगी आँखे ऊपर निचे होने लगी सिसकारियाँ लेने लगी,
मैं तुरंत ही पीछे चला गया,अपना लंड उनके गांड में रगड़ते हुए हाथ आगे करके उनकी चूत में रंग लगाने लगा,उन्होंने अपना पैर फैला दिया अब मैं उनकी चूत को सहलाते लगा तो महसूस किया कि उनकी चूत गीली हो चुकी थी उन्होंने अपनी गांड मेरे लंड में रगड़ना शुरू कर दिया। और एकदम से मेरे तरफ घूम गई,
और मेरे होठ को चूसने लगी,मैंने तुरंत ही उनके बूब्स को दबाते हुए उनके होठ को चूमने लगा,मैंने उनके कपडे उतार दिया साडी फेंक दी और पेटीकोट का नाडा खोल दिया वो नंगी हो गई आँगन में हम दोनों एक दूसरे को चुम रहे थे एक दूसरे के बदन को सहला रहे थे,उन्होंने मुझे बरांडे पर आने का इशारा किया,
मैंने उनको गोद में उठाया और बरांडे में चटाई पर लिटा दिया,मैंने उनके दोनों पैरों के बिच में बैठकर चूत चाटने लगा,वो मेरे बाल को पकड़ पर अपने चूत को चटवाने लगी और आह आह ओह ओह ओह्ह करने लगी,बहुत दिनों बाद उनकी चूत को किसी ने जुबान से चखा है,मैं चाट रहा था और नमकीन स्वाद का मज़ा ले रहा था,
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बार बार वो पानी छोड़ती अपनी चूत से और मैं चाट जाता,फिर मैंने तुरंत दोंनो चूचियां को एक साथ सटाया और लंड को बिच में लगा कर दोनों चूचियों को साइड से दबा कर लंड को चूचियों के बिच में पेलने लगा,ओह्ह्ह क्या बताऊँ उनकी सिसकारियां इतनी सेक्सी थी और अअअअअ आए ओह्ह्ह्हह्ह उफ्फ्फ्फ़ की,
आवाज निकालती तो मेरा लंड और भी फनफना जाता था मोटा हो जाता लंबा हो जाता,उन्होंने मेरे लंड को पकड़ लिया और अपने मुँह में लेकर चूसने लगी,पर मुझे चुदाई करना था,मैंने कहा भाभी मेरी जान मेरी डार्लिंग अब मत तड़पाओ मुझे अपना लंड चूत में घुसाने दो उन्होंने कहा मैंने कहा मना की चूत में लौड़ा,
घुसाने के लिए मेरे देवर जी,घुसा दो पूरा लंड मेरी चूत में और चोद दो मुझे प्यासी हूँ आपका लंड बहुत सेक्सी मोटा लंबा है मुझे शांत करो चोद कर नहीं तो मैं पागल हो जाउंगी,मैंने तुरंत ही उनके दोनों पैरों को अलग अलग किया और बूर में लंड घुसा दिया,जोर जोर से धक्के देने लगा हरेक धक्के पर वो हाय हाय करती,
ओह्ह्ह्हह मैंने कामसूत्र के करीब १० पोजीसन इस्तेमाल कर लिया भाभी भी सेक्सी आवाज निकाल निकाल कर मेरे जिस्म को सहलाते हुए गांड घुमा घुमा कर झटके दे दे कर चुदवाने लगी करीब एक घंटे तक उनको चोदते रहे इस बीच भाभी दो बार झड़ गई थी,अंत में मेरा लंड वीर्य उगल दिया और पूरी चूत मेरे वीर्य,
से भर गया,हम दोनों शांत हो गए,एक दूसरे को सहलाते रहे और फिर दोनों उठे और एक साथ नहाने लगे फिर वह पर चुदाई किया,नहा धोकर हम दोनों आधे कपडे में ही सो गए वो बस ब्रा और पेंटी में और मैं सिर्फ जाँघियां में,शाम को उठे फिर चुदाई किया तब मम्मी पापा का फ़ोन आया की आज नहीं आऊंगा,
ये सुनकर दोनों ख़ुशी से झूम उठे और फिर हम दोनों रात भर बियर पी पी कर गांड बूर मुँह चूचियां कांख चूतड़ खूब सहलाए चोदे और मजे किए इस तरह होली में भाभी की चूत मिली, कहानी को अंत तक पढ़ने वालों का धन्यवाद…
Note ये कहानी सत्या घटना है केवल नाम और स्थान बदले हुए हैं…
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