मां ने बेटे से चुदाई करवाई



नमस्कार दोस्तों मैं मुल्तान से अपनी सच्ची कहानी लेकर आया हूँ जो मेरे और मेरी अम्मी के दरमियान शुरू हुई,परिवार के सदस्य अब्बू (उम्र: ४३ साल) अम्मी (उम्र: ३८ साल)मैं (उम्र: २१ साल)
चलो, स्टोरी शुरू करते हैं जो आज से ३साल पहले शुरू हुई,
उस समय मेरी उम्र १८ साल थी,






और मैं मैट्रिक से पास होकर सारा दिन घर पर ही रहता था,मेरे अब्बू एक पान की दुकान पर नौकरी करते थे,हम लोग बहुत गरीब थे और एक दो कमरे वाले छोटे से किराए के घर में रहते थे,बात तब शुरू हुई जब मेरे छोटे मामू की शादी थी और अम्मी को शॉपिंग के लिए पैसे चाहिए थे पर अब्बू ने इनकार कर दिया,







पर अम्मी ज़िद करने लगी,अब्बू:“मेरे पास पैसे नहीं हैं… तुम जो मर्ज़ी, कर लो..मैं कुछ नहीं कर सकता”अम्मी ने कहा: “तुम बस मेरे नाम के हस्बैंड हो, जब भी पैसे मांगती हूं तो इनकार करने लग जाते हो,अब आना मेरे पास, रात को हाथ भी नहीं लगाने दूंगी सारी रात मज़ा चाहिए,बस।”







अब्बू ने कहा: “तुम्हें बस पैसे जरूरी हैं… हर वक़्त जाओ नहीं आता… रात को बस, अब जाओ।” अम्मी मुँह बनाकर वहाँ से चली गई मैं यह सब बाहर खड़ा होकर सुन रहा था,फिर कुछ दिन ऐसे ही गुज़र गया। फिर अगले दिन, अम्मी की दोस्त हमारे घर आई,अम्मी ने मुझे पानी लेने के बहाने कमरे से बाहर भेज दिया,







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पर मैं कमरे से बाहर जाकर उनकी बात सुनने लगा और अम्मी ने उन्हें सारी बात सुना दी जो अब्बू ने उन्हें कहीं थी,फिर उस आंटी ने अम्मी के कान में कोई बात कहीं जो सुन कर अम्मी के चेहरे का रंग फीका पड़ गया,अम्मी ने कहा: “नहीं… रहने दो… मुझे नहीं चाहिए,”आंटी ने कहा: “सोच लो..फिर जवाब देना” और चली गई,







अम्मी बिल्कुल चुप हो गई थी। फिर अम्मी ने मुझे खाना दिया और घर के काम में लग गई। रात को अब्बू घर आ गए,अम्मी ने अब्बू को खाना दिया और फिर से पैसे का ज़िक्र करने लगी।
अब्बू ने कहा: “नहीं, कुछ भी नहीं हो सकता… पैसा नहीं है।”
अम्मी अपने कमरे में चली गई,







फिर अगले दिन वो आंटी दोबारा हमारे घर आईं। अम्मी ने उसको कमरे में बिठाया और कुछ देर बात की। फिर अम्मी बुर्का पहनकर कमरे से बाहर आईं,मैंने अम्मी से पूछा: “कहाँ जा रही हो?”  अम्मी ने कहा: “बेटा, हम हॉस्पिटल जा रहे हैं… आंटी की तबीयत ठीक नहीं है,”मैंने कहा: “जी… ठीक है…” और अम्मी चली गई,







मैंने भी टीवी देखने लगा और ऐसे ही ३ घंटे गुज़र गए,फिर घर की घंटी बजी। मैंने गेट खोला तो सामने अम्मी थीं,अम्मी ने मुझसे कोई बात नहीं की और सीधे घर में एंटर हुई,अम्मी ने अंदर आकर अपना बुर्का उतारा तो उनका बाल बिखराए थे,पर मैंने इस बात को नज़र अंदाज़ किया,








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अम्मी पहले वॉशरूम चली गई,फिर घर के काम में लग गई।अगले ४ दिन इसी तरह अम्मी जाने लगी मैंने अम्मी से पूछा तो उन्होंने बताया, “आज आखिरी दिन था ड्रिप का ऐसी ही रात हो गई और अब्बू आ गए। अम्मी ने कहा, “कल हम लोग शॉपिंग पर चलेंगे।”
अब्बू ने कहा: “पैसे कहाँ से आएं?”







अम्मी ने कहा “मैंने अपने दोस्त से उधार लिए हैं… आराम से हर महीना कुछ पैसे जोड़ कर दे देंगे।”
अब्बू: “पर…”
अम्मी: “बस… कुछ नहीं… चुप!”
अब्बू ने कहा: “ठीक है।”







अगले दिन हम शॉपिंग पर चले गए। अम्मी ने खूब शॉपिंग की और हमने मज़े से मामू की शादी में मज़े किए,अब अम्मी अक्सर अपनी दोस्त के साथ जाने लगी थी और खूब खोले दिल से पैसा खर्च कर रही थी अब मुझे भी अम्मी पर शक होने लगा,अगले दिन अम्मी की दोस्त आई और अम्मी घर से चली गई,







मैंने भी उनका घर से निकलते ही दरवाजे पर ताला लगाया और उनके पीछे करने लगा,वो लोग एक रिक्शा में बैठ गए मैंने भी उनका पीछे करने लगा,थोड़ी देर बाद, वो एक बड़े घर के आगे उतर गए और दरवाजा खोलकर उस घर में चली गए,मैं भी अंदर चला गया पर अंदर गया तो उनका दूसरा दरवाज़ा बंद था,







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मैं परेशान हो गया,फिर मेरी काफी देर की मेहनत के बाद, मुझे एक छोटी सी खिड़की नज़र आई,मैं जाकर वहां से देखा तो मैं देखता ही रह गया,सामने सोफे पर एक सामान्य उम्र का आदमी बैठा था। अम्मी और उनकी दोस्त उसके सामने ब्रा पैंटी में डांस कर रही थी,







मैंने अपनी ज़िंदगी में पहली बार अम्मी को इस हालत में देख रहा था। अम्मी के तरबूज जैसे बड़े बड़े बूब्स, फुटबॉल जैसी गांड मस्त हिल रही थी,अम्मी कोई पटाखा लग रही थी,अम्मी की दोस्त भी कमाल थी,मैं अम्मी को देखकर पागल हो रहा था कि इतने में उस आदमी ने अम्मी की ब्रा पैंटी भी उतार दी,







अब तो मेरा लंड अम्मी को देखकर झटके मार रहा था,अम्मी ने उस आदमी को सोफे पर बिठाया और उसकी पैंट उतार कर लंड चूसने लगी,अम्मी किसी प्रोफेशनल रंडी की तरह चूस रही थी, “साहब… बड़ा मज़ा आ रहा है… उउउम्म्म…” और खूब ज़ोर से चूसने लगी। कभी अंडों को चूसती तो कभी लंड हिलाती,







फिर अम्मी की दोस्त ने चूसा,उसके बाद,अम्मी को उसने डॉगी बनने को कहा,अम्मी फोरन डॉगी बन गई और वो अम्मी को अपनी पूरी ताकत से चुदने लगा,फिर वो अम्मी की टैंगो के दरमियान अम्मी की चूत चोदने लगा,अम्मीबस“ आआआह्ह्ह्ह्ह्ह हाँ, साहब… हाँ, मुझे चोद दो,







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आआआआआआह्ह्ह… हाँ, साहब… भोसड़ा बना दो ऊऊऊऊईई… चोदो… चोदो…” करने लगी,आदमी ने कहा: “तेरी चूत फाड़ दूंगा आज रंडी!!!” और ज़ोर से चुदने लगा और अम्मी के अंदर माल छोड़ दिया,फिर उसने अम्मी को पैसे दिए,अम्मी और उनके दोस्त ने आधे आधे कर लिए,







मैं सीधा इसके लिए वहीं मेन गेट पर खड़ा हो गया,अम्मी जब बाहर आई तो मुझे देख कर रोने वाली हुई,अम्मी ने कहा: “बेटा, तू यहाँ क्या कर रहा है?”  मैंने कहा: “मुझे बेटा ना कहो… तुम गंदी औरत हो”अम्मी की दोस्त ने कहा: “बेटा, ऐसा नहीं है”मैंने कहा: “चुप! तुम्हारी वजह से सब कुछ हुआ है,







मैं आज अब्बू को सब बता दूंगा” कह कर वहाँ से निकल गया।
अम्मी ने कहा: “बेटा, ऐसा नहीं करना… मैं बर्बाद हो जाऊँगी।”
मैंने उनकी एक न सुनी। वो रोने लगी पर मैं रिक्शा में बैठ कर घर आ गया,कुछ देर बाद, अम्मी और उनकी दोस्त भी आईं और मुझे समझाने लगी पर मैं नहीं माना,







अम्मी की दोस्त ने अम्मी से कहा, “यह ऐसे नहीं राज़ी होगा…” और अम्मी के कान में कुछ कहने लगी,मैंने उसको धक्का दे दिया और आँखें दिखाने लगी। अम्मी की दोस्त ने कहा, “ठीक है, फिर करो अपना घर तबाह” कह कर चली गई,अम्मी ने मुझसे दोबारा माफ़ी मांगी पर मैंने इनकार कर दिया,







अम्मी ने अपने आँसू साफ किए और जाकर पहले दरवाज़ा बंद किया,फिर कमरे में एंटर होते ही पहले रूम लॉक किया,फिर अपना दुपट्टा उतार दिया और मेरे पास आ गई और मेरे होंठों पर अपने होंठ लगा दिए और ज़ोरदार लिप लॉक करने लगी,अपनी ज़ुबान मेरे मुँह में उतार दी और मेरी ज़ुबान को चूसने लगी,







5 मिनट की  चूसाई के बाद, अम्मी ने मेरी कमीज उतारी, सलवार निकाल दी और अपने कपड़े उतारने लगी और पूरी नंगी हो गई। ज़मीन पर बैठ कर मेरा लंड चूसने लगी,अम्मी “उम्म्ह च्म्म्म्म मह……” करने लगी,







अपनी ज़ुबान मेरे लंड पर फेरने लगी और खूब मज़े से चूसने लगी,फिर मैंने अम्मी को बिस्तर पर लिटा दिया और अम्मी के तरबूज जैसे चूचियां चूसने लगा, निप्पल काटने लगा और अम्मी के जिस्म पर लव बाइट देने लगा,अम्मी “हाँ बेटा… उउउम्म्म्म… लव यू, बेटा… मज़ा आ रहा है,







कह रही थी मैंने कहा: “जी अम्मी… ठीक है अम्मी  फिर मैंने अपना चेहरा अम्मी की चूत में लगा दिया और ज़ोर से चाटने और चूसने लगा,अम्मी मेरा चेहरा अपनी चूत में दबा रही थी,अम्मी “बेटा, मैं आ रही हूँ आआह्ह्ह्ह्ह्ह… मेरा प्यारा बेटा… हाँ… ऊऊऊइइइइइ…” कह रही थी,







मैं बेड पर लेट गया और अम्मी मेरे लंड पर बैठ कर उछालने लगी। बाद में, मैंने अम्मी को घोड़ी बनाया। फिर दीवार से लगा कर चुदाई की मैं झड़ने वाला था तो कहा, “कहाँ निकालूँ?”
अम्मी ने कहा, “अंदर निकाल दे,मैं: “अम्मी!!आआह्ह्ह्ह… आ रहा है…” कह कर अम्मी की चूत में झड़ गया,







अम्मी ने कहा: “अब किसी को नहीं बताना”मैंने कहा: “ठीक है लेकिन मुझे रोज़ चाहिए,”अम्मी ने कहा: “ठीक है… रोज़ाना दूँगी अपने लाडले को।”अब हम हर रोज़ चुदाई करते हैं, कहानी को अंत तक पढ़ने वालों का धन्यवाद…




Note ये कहानी सत्या घटना हैं केवल नाम और स्थान बदले हुए हैं..



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