नमस्कार दोस्तो,मेरा नाम राहुल है,मैं पुणे का रहने वाला हूं,आज मैं अपनी माँ की चुदाई स्टोरी का भाग -२ बताने जा रहा हूं,काफी दिन हो गए थे मुझे अपने गांव गए हुए,पुणे में रोज मां और पापा फोन करके कहते थे कि कुछ दिन के लिए गांव आजा हमारा भी मन लग जायेगा,दरअसल पुणे में चाचा और चाची देखभाल के मामले में मां-पापा की कमी महसूस ही नहीं होने देते थे,
मेरा सोया हुआ लंड हाथ में लेकर मां बोली- क्या बात है,आप बात भी नहीं करते हो,आपका लंड भी खड़ा नहीं हो रहा है?मैंने कोई जवाब नहीं दिया,सांस रोक कर शांति से लेटा रहा मां बोली- ठीक है,जैसा आप चाहो,अब मैं इसको खुद ही खड़ा कर लूंगी और अपनी चूत में ले लूंगी,मां ने मेरे लंड को हिलाना और सहलाना शुरू कर दिया,अब मुझे भी उत्तेजना होने लगी और मेरा लंड खड़ा होने लगा,कुछ पल के अंदर ही मेरा लंड बड़ा होकर 7 इंच का हो गया
और सलामी देने लगा वो मेरे लंड को कस कर भींचते हुए बोली- आह्हह … आज तो ये बड़ा बड़ा सा लग रहा है,काफी सख्त भी है इसको तो मैं अपने मुंह में लेकर चूस लूंगी.मां ने झट से मेरे लंड को अपने मुंह में भर लिया और चूसने लगी,मेरा लंड मां अपने मुंह में अंदर तक ले रही थी,मुझे बहुत मजा आ रहा था फिर अचानक से मां रुक गई मुझे लगा कि मां को शायद ये पता न चल गया हो कि बेड पर उनके पति नहीं बल्कि उनका बेटा है.तभी अचानक
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मेरे दूसरी बगल में किसी ने पांव रख दिया,जब वो उठ कर मेरे ऊपर आयी तो मुझे तब पता लगा कि वो मां ही है,मां ने मेरे लंड को अपने हाथ में पकड़ा और अपनी चूत के मुंह पर लगा दिया. उसकी चूत के होंठ मेरे लंड के सुपारे को छू रहे थे और मेरे बदन में सेक्स की एक आग लगी जा रही थी,मन कर रहा था कि मां की चूत में लंड घुसा कर उसे पटक पटक कर चोद दूं,फिर अचानक से वो मेरे लंड पर बैठ गई और मेरा लंड मेरी मां की चूत को फाड़कर
अंदर घुस गया,मां चिल्लाई और उठने लगी लेकिन मैंने मां को पकड़ लिया,उसकी कमर से पकड़ कर मैंने उसे फिर से नीचे की ओर दबाकर बिठा लिया,अब मेरा लंड पूरा मेरी मां की चूत के अंदर था,धीरे धीरे वो शांत हो गई,दर्द के मारे शायद उसको होश भी नहीं था और वो शरीर को छूकर भी नहीं पहचान पा रही थी कि मैं उसका पति नहीं हूं,फिर वो अपनी गांड को हिलाते हुए मेरे लंड पर आगे पीछे होने लगी,मुझे मजा आने लगा,मां भी चुदाई का
मजा लेने लगी हिम्मत करके मैंने मां के बूब्स को पकड़ लिया,मुझे नहीं मालूम था कि पापा मेरी मां की चुदाई कैसे करते हैं,उस वक्त मैं केवल एक दांव खेल सकता था,सो मैंने खेला वो ब्लाउज में थी और मैंने उसके स्तनों को सहलाते हुए उसके ब्लाउज को खोलने की कोशिश की पहले मैंने एक हुक खोला,फिर दूसरा और फिर तीसरा ऐसे करके मैंने पांचों हुक खोल दिये,मैंने ब्लाउज निकाल दिया,उसने नीचे से जालीदार ब्रा पहनी हुई थी,मैंने उसकी ब्रा में
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अंदर दो उंगली डाल कर उसके निप्पल को मसल दिया,मां ने झट से मेरा हाथ निकाला और अपनी चूची को बाहर करके बिना हुक खोले ही मेरे मुंह पर रख दिया,मैं तो जैसे जन्नत में पहुंच गया,मां के बदन की खुशबू लेते हुए मैं उसकी चूची को जोर जोर से चूसने लगा,उसके स्तन को चूसते हुए मैं इतनी उत्तेजना में आ गया कि मैंने उसकी दूसरी चूची को भी ब्रा के ऊपर से ही खींचकर बाहर निकाल लिया और दोनों स्तनों के साथ चूस चूस कर खेलने लगा,
ऊपर से मैं स्तनों को चूस रहा था और नीचे से मां अपनी गांड हिला कर मेरे लंड को और तेज धक्के लगाने पर मजबूर कर रही थी,अपनी गांड हिलाते हिलाते ही वो एकदम से मेरे लंड को सुपारे तक अपनी चूत के बाहर तक लाती और फिर गच्च से अंदर कर लेती,मां की चूत बहुत ज्यादा गर्म थी,जितना मजा मुझे उस वक्त आ रहा था वो मैं यहां शब्दों में नहीं बता सकता,आधे घंटे तक चोदने के बाद मुझे लगने लगा कि अब मैं किसी भी वक्त झड़
जाऊंगा,मगर मैंने मां को नहीं रोका और न ही उनको अपने से अलग किया मां मुझे अपना पति समझ कर प्यार किये जा रही थी,वो मस्ती में सिसकारते हुए कह रही थी- आह्ह … मुझे रोज ऐसे शांत किया कीजिए मैं आपके लंड से ऐसे ही चुदा करूंगी आई लव यू जी,इतना सुनते ही मैं मां की चूत में अंदर ही झड़ गया,मां अपने पैरों को चौड़े करके मेरे लंड को और अंदर तक ले जाने की कोशिश कर रही थी,फिर वो भी मुझ पर निढाल हो गई
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मैं भी सो गया और मां भी मेरे ऊपर ही सो गई सुबह के पांच बजे मेरी नींद टूटी मेरा लंड मां की चूत में ही था,वो मेरे ऊपर लिपट कर सो रही थी,उसके शरीर पर एक भी कपड़ा नहीं था,लाइट भी आ गई थी लेकिन बल्ब छोटा था इसलिए रोशनी बहुत ही कम थी,फिर वो आंखें खोलने लगी लेकिन मैंने डर के मारे अपनी आँखें बंद कर लीं और सोने का नाटक करने लगा,मां ने धीरे से मेरा लंड अपनी चूत के बाहर निकाला,मां ने मेरा लंड अपनी पैंटी से साफ किया,उस पर थोड़ा थूक लगाया और धीरे से उसे अपने मुंह में
ले लिया हल्का हल्का चूस कर उसे अच्छे से साफ किया और बेड पर से उठ गई,उसने मुझे चादर ओढ़ा दी मुझे फिर से नींद आ गयी,फ्रेश होकर मां ने कपड़े पहने और मेरे रूम में गयी,मैं वहां पर उनको नहीं मिला,उसके बाद ढूंढते हुए हॉल तक आई उसने सोचा कि मैं हॉल में सो रहा हूं,जैसे ही मां ने हॉल की लाइट जलाई तो चौंक गयी हॉल में पापा सो रहे थे,मेरी आंख १० बजे खुली और मैंने पाया कि मेरे बदन पर मेरी अंडरपैंट और बनियान थी,मैं उठ
कर बाहर आया,मैं अपने रूम में नहाने गया और तैयार होकर बाहर आया,मैंने देखा कि मां डाइनिंग टेबल पर बैठ कर रो रही थी मैंने उसे रोते हुए देखा तो बहुत बुरा लगा,मैं उसके पास गया तो उसने मुझे गुस्से से दूर हटा दिया,मुझे डांटते हुए कहने लगी- तुझे शर्म नहीं आयी अपनी मां के साथ ऐसा करते हुए? तूने जो किया है वो एक बहुत बड़ा पाप है,आज तक किसी बेटे को देखा है तूने, जो सारी रात अपनी मां के साथ बिना कपड़ों के सोया हो?
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लोगों को पता चलेगा तो क्या कहेंगे? मैंने मां से शांत होने के लिए कहा और बोला- मां मुझे खुद नहीं पता कि मैं आपके रूम में कैसे आया? शायद मैं नींद में चल कर आ गया था,जब तक मुझे कुछ समझ में आया तब तक आप उछल रही थीं,नींद में होने के कारण मैं कुछ नहीं कर पाया लेकिन आपके मुंह से लगातार यह निकल रहा था ‘आह्ह … बहुत मजा आ रहा है आह्ह ओह्ह ’ आपके मजे के कारण मैं कुछ नहीं बोला और बस लेटा रहा मां बोली- मगर हमारे बीच जो कुछ हुआ वो कोई नहीं करता तुम्हारा 7 इंची
हथियार रात भर मेरे अंदर था अब मुझे पाप लगेगा,ये कहते हुए मां फिर से रोने लगी,मैं मां को समझाने की कोशिश कर रहा था,मैंने मां से कहा- आप इतना मत सोचिए,किसी को नहीं पता चलेगा कि आप और मैं कल रात भर बिना कपड़ों के सोए थे,मैं आपका बेटा हूं,बचपन में मैं आपका दूध पीता ही था वैसे ही कल पी रहा था इससे आपको कोई पाप नहीं लगेगा,जब मां मेरे समझाने के बाद भी नहीं मानी तो मैं बोला- मां,अब ये बातें शहरों
में बहुत नॉर्मल हो गयी हैं,बड़े शहरों में हर कोई अपनी मां के साथ रात भर कपड़े खोल कर सोता है,उनको अभी भी मेरी बातों पर विश्वास नहीं हो रहा था,मैंने झट से अपने मोबाइल पर फेक मां बेटे के कुछ पोर्न वीडियो मां को दिखाए और मां को शांत किया मां को मैंने तसल्ली दिलाई कि हमने कुछ ग़लत नहीं किया,मां को उस दिन मैंने कई सारे पोर्न वीडियो दिखाए मां और बेटे के बीच चुदाई,बहन और भाई की चुदाई,पापा और बेटी के बीच चुदाई,
मां और बेटी का सेक्स आदि,उसके बाद मां मुझसे काफी खुल गई थी,इसी बीच मैंने मां से पूछा- मां, क्या पापा आपको रोज नहीं चोदते?
वो थोड़ी शांत होकर बोली- बेटा वो काम करके थक जाते हैं और अब उनकी उम्र भी हो रही है,ये कहते हुए मां की आंखें गीली हो रही थीं,फिर मैंने मां को अपने गले से लगाया उसे अपने रूम में लेकर गया,उसको समझाते हुए कहा- आपके लिये मैं हूं ना मैं आपको कभी छोड़कर नहीं जाऊंगा,आपकी हर खुशी का
ख्याल रखूंगा,इतना कह कर मैंने मां के ब्लाउज़ में हाथ डाल दिया,मां ने भी विरोध नहीं किया,धीरे धीरे करके मां के सारे कपड़े मैंने उतार दिए,बेड पर लिटाकर उसको चूमा और जो भी वीडियो उसके दिखाये थे वो सारी की सारी की पोज बना कर मैंने मां को चोदा,उस पूरे दिन में मैंने मां को कई बार चोदा,अब मां के साथ रोज चुदाई होने लगी,मुझे गांव में आये हुए एक महीना हो गया था और इसी बीच मां को पीरियड हो गया,पीरियड के दिनों को छोड़ कर मां इन दो महीनों में मेरे साथ दिन भर नंगी ही सोई, कहानी को अंत तक पढ़ने वालों का धन्यवाद…
Note ये कहानी सत्या घटना है केवल नाम और स्थान बदले हुए हैं…
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