नमस्कार दोस्तों,मैं आकांशा फिर से हाज़िर हूं अपनी कहानी का भाग–2 लेकर थोड़ा अपने बारे में बता दूं मैं पूरी 19 साल की हो चुकी हूँ और मैं औरत मर्द के रिश्ते को समझती थी,मैं मेरे घर में सबके साथ चुदाई कर चुकी हूँ.मैं मेरे घर में और ससुराल में भी सबसे चुद चुकी हूँ,मैंने पापा को पटा कर उनसे चुदाना चाहती,कृपया भाग 1 जरूर पढ़ें अब आगे की कहानी
आज तुमको सारी बात बताएँगे,जब तक तुम्हारी शादी नहीं होती तब मैं ही तुमको शादी का मजा दूंगा, तुम्हारे साथ में ही सुहागरात मनाऊँगा.’‘तुम्हारी चूचियाँ बहुत टाइट हैं,‘बेटी नंगी हो जाओ.’पापा फ्रॉक के अन्दर हाथ डाल दोनों को दबाते बोले,जब पापा ने मेरी चूचियाँ को मसलते हुए कपड़े उतारने को कहा तो यकीन हो गया कि आज पापा के लण्ड का मजा मिलेगा,
मैं उनके लण्ड को खाने की सोच गुदगुदा गई थी,मैं मम्मी की रंगीन चुदाई को याद करती कुर्सी से नीचे उतरी और कपड़े उतारने लगी,कपड़े उतार नंगी हो मम्मी की तरह ही पैर फैला कुर्सी पर बैठ गई,मेरी छोटी छोटी चूचियाँ तनी थी और मुझे जरा भी शरम नहीं लग रही थी,मेरी जाँघों के बीच रोएंदार चूत पापा को साफ़ दिख रहे थे,
पापा मेरी गदराई चूत को गौर से देख रहे थे.चूत का गुलाबी छेद मस्त था,पापा एक हाथ से मेरी गुलाबी कली को सहलाते बोले- हाय राम, बेटी तुम्हारी चूत तो जवान हो गई है,‘अरे बेटी तुम्हारी चूत.’पापा ने चूत को दबाया,पापा के हाथ से चूत दबाये जाने पर मैं सनसना गई,मैं मस्ती से भरी अपनी चूत को देख रही थी,
आप सभी मेरी कहानी Fantasystories.in पर पढ़ रहे हैं, यहां पर आप को रिश्तों में चुदाई, दोस्त की हॉट मॉम की चुदाई,मेरी हॉट चाची,लेस्बियन सेक्स स्टोरी, देसी गांव की सेक्स स्टोरी,थ्रीसम सेक्स स्टोरी,देवरानी जेठानी का प्यार,ससुर बहू का गुप्त रिश्ता पढ़ सकते है,
तभी पापा ने अपने अंगूठे को क्रीम से चुपड़ मेरी चूत में डाला,वो मेरी चूत क्रीम से चिकनी कर रहे थे,अंगूठा जाते ही मेरा बदन गनगना गया,तभी पापा ने चूत से अंगूठा बाहर किया तो उस पर लगे चूत के रस को देख बोले- हाय बेटी यह क्या है,क्या किसी से चुदकर मजा लिया है?मैं पापा के अनुभव से धक्क से रह गई,
मैं घबराकर अनजान बनती बोली- कैसा मजा पापा?‘बेटी यहाँ कोई आया था?’‘नहीं पापा यहाँ तो कोई नहीं आया था,’‘तो फिर तुम्हारी चूत में यह गाढ़ा रस कैसा?‘मुझे क्या पता? पापा जब आप मेरी चूचियाँ मसल रहे थे तब कुछ गिरा था शायद.’ मैं बहाना बनाती बोल,‘लगता है तुम्हारी चूत ने एक पानी छोड़ दिया है,लो तौलिया से साफ़ कर लो,
पापा मुझे तौलिया दे चूचियों को मसलते हुए बोले,पापा से तौलिया ले चूत को रगड़ रगड़कर साफ़ किया,पापा को आयुष वाली बात पता नहीं चलने दी,मैं चूचियाँ मसलवाते हुए पापा से खुलकर गन्दी बाते रही थी ताकि सभी कुछ जान सकूं,‘बेटी जब तुम्हारी चूचियों को दबाता हूँ तो कैसा लगता है?’‘हाय पापा, तब जन्नत जैसा मजा मिलता है,
बेटी तुम्हारी चूत में भी कुछ होता है?’‘हाँ पापा गुदगुदी हो रही है.’ मैं बेशर्म हो बोली,‘जरा तुम्हारी चूचियाँ और दबा लूँ तो फिर तुम्हारी चूत को भी मजा दूँ,‘बेटी किसी को बताना नहीं,‘नहीं पापा बहुत मजा है,किसी को नहीं पता चलेगा,पापा मेरी चूचियों को मसलते रहे और मैं जन्नत का मजा लेती रही,कुछ देर बाद
मैं तड़प कर बोली- ऊओह्हछ पापा अब बंद करो चूचियाँ दबाना और अब अपनी बेटी की चूत का मजा लो,अब मैं भी पापा के साथ खुलकर बात कर रही थी,इस समय हम दोनों नहीं बाप-बेटी थे,पापा मेरी चूचियों को छोड़कर मेरे सामने आये,पापा का खड़ा लंड मोटा होकर मेरी आँखों के सामने फुदकने लगा,लण्ड तो पापा का पहले भी देखा था,
आप सभी मेरी कहानी Fantasystories.in पर पढ़ रहे हैं, यहां पर आप को रिश्तों में चुदाई, दोस्त की हॉट मॉम की चुदाई,मेरी हॉट चाची,लेस्बियन सेक्स स्टोरी, देसी गांव की सेक्स स्टोरी,थ्रीसम सेक्स स्टोरी,देवरानी जेठानी का प्यार,ससुर बहू का गुप्त रिश्ता पढ़ सकते है,
पर इतनी पास से आज देख रही थी,मेरा मन उसे पकड़ने को ललचाया तो मैंने उसे पकड़ लिया और दबाने लगी,चूत पापा के मस्त लण्ड को देख कर लार टपकाने लगी,मैं पापा के केले को पकड़कर बोली- शश पापा आपका लण्ड बहुत मोटा है इतना मोटा मेरी चूत में कैसे जाएगा?‘अरे पगली मर्द का लण्ड ऐसा ही होता है,मोटे से ही तो मजा आता है,
पर पापा मेरी चूत तो छोटी है,‘कोई बात नहीं बेटी,देखना पूरा जाएगा.’‘पर पापा मेरी फ़ट जाएगी,‘अरे बेटी नहीं फटेगी,एक बार चुद जाओगी तो रोज चुदवाने के लिए तड़पोगी.’अपने पैर फैलाकर चूत खोलो पहले अपनी बेटी की चूत चाट लूँ फिर चोदूँगा,मैं समझ गई कि पापा मम्मी की तरह मेरी चूत को चाटना चाहते हैं,
मैंने जब मम्मी को चूत चटवाते देखा था तभी से तरस रही थी कि काश पापा मेरी चूत भी चाटे,अब जब पापा ने चूत फैलाने के लिए दोनों हाथ से चूत की दरार को छेड़कर खोल दिया,पापा घुटने के बल नीचे बैठ गए और मेरी रोएंदार चूत पर अपने होंठ रख कर चूमने लगे,पापा के चूमने पर मैं गनगना गई,दो चार बार चूमने के बाद,
पापा ने अपनी जीभ मेरी चूत के चारो ओर चलाते हुए चाटना शुरू किया. वो मेरे हलके हलके बाल भी चाट रहे थे,मुझे गज़ब का मजा आ रहा था,ऐसा मज़ा जो शब्दों में बता सकती,पापा चूत चाटते हुए तीत (क्लिट) भी चाट रहे थेमैं मस्त थी,आयुष तो बस जल्दी से चोदकर चला गया था, चूची भी नहीं दबाया था मजा नहीं आया था,
लेकिन पापा तो चालाक खिलाड़ी की तरह पूरा मजा दे रहे थे,पापा ने चूत चाटकर गीला कर दिया था,अब पापा चूत की दरार में जीभ चला रहे थे,कुछ देर तक इसी तरह करने के बाद पापा ने अपनी जीभ मेरी गुलाबी चूत के लस लसाए छेद में पेल दिया,जीभ छेद में गई तो मेरी हालत खराब हो गई,मैं मस्ती से तड़प उठी पहली बार चूत चाटी जा रही थी,
आप सभी मेरी कहानी Fantasystories.in पर पढ़ रहे हैं, यहां पर आप को रिश्तों में चुदाई, दोस्त की हॉट मॉम की चुदाई,मेरी हॉट चाची,लेस्बियन सेक्स स्टोरी, देसी गांव की सेक्स स्टोरी,थ्रीसम सेक्स स्टोरी,देवरानी जेठानी का प्यार,ससुर बहू का गुप्त रिश्ता पढ़ सकते है,
इतना मज़ा आया कि मैं नीचे से चूतड़ उछालने लगी,कुछ देर बाद पापा चाटकर अलग हुए और मेरी चूत पर लगे लण्ड से चूत रगड़ने लगे,चूत की चटाई के बाद लण्ड की रगड़ाई ने मुझे पागल बना दिया और मैं बोली- पापा अब पेल भी दो मेरी चूत में आह हहह ऊऊहह!,पापा ने मेरी तड़पती आवाज़ पर मेरी चूचियों को पकड़कर कमर को ऊठाकर धक्का मारा तो करारा शॉट लगने,
पर पापा का आधा लण्ड मेरी चूत में समा गया,पापा का मोटा और लम्बा लण्ड मेरी छोटी चूत को ककड़ी की तरह चीरकर घुसा था,आधा जाते ही मैं दर्द से तड़पकर बोली- आआ हहह ऊऊईई ममआ मररर!! गई पापा. धीरे धीरे पापा बहुत मोटा है पापा … चूत फट गई,पापा का मोटा और लम्बा लण्ड मेरी चूत में कसा था,
मेरे कराहने पर पापा ने धक्के मारना बंदकर मेरी चूचियों को मसलना शुरू किया,अब मजा आने लगा,6-7 मिनट बाद दर्द ख़त्म हो गया,अब पापा बिना रुके धक्के लगा रहे थे,धीरे धीरे पापा का पूरा लण्ड चूत की झिल्ली फाड़ता हुआ घुस गया,मैं दर्द से छटपटाने लगी,ऐसा लगा जैसे चूत में चाकू धंसा है,मैं कमर झटकती हुई बोली- हाय पापा मेरी चूत फ़टट गई. निकालो मुझे नहीं चुदवाना,
पापा अपना लण्ड पेलते हुए मेरे गाल चाट रहे थे,पापा मेरे गाल चाट बोले- बेटी रो मत अब तो पूरा चला गया,हर लड़की को पहली बार दर्द होता है फिर मजा आता है,कुछ देर बाद मेरा कराहना बंद हुआ तो पापा धीरे धीरे चोदने लगे,पापा का कसा कसा लण्ड आ जा रहा था,अब सच में ही मजा आ रहा था,
आप सभी मेरी कहानी Fantasystories.in पर पढ़ रहे हैं, यहां पर आप को रिश्तों में चुदाई, दोस्त की हॉट मॉम की चुदाई,मेरी हॉट चाची,लेस्बियन सेक्स स्टोरी, देसी गांव की सेक्स स्टोरी,थ्रीसम सेक्स स्टोरी,देवरानी जेठानी का प्यार,ससुर बहू का गुप्त रिश्ता पढ़ सकते है,
अब जब पापा ऊपर से धक्का लगाते तो मैं नीचे से गांड उछालती,आयुष तो केवल ऊपर से रगड़ कर चोदकर चला गया था,असली चुदाई तो पापा कर रहे थे,पापा ने लण्ड पूरा अन्दर तक पेल दिया था,पापा का लण्ड आयुष से बहुत मजेदार था,जब पापा शॉट लगाते तो सुपाड़ा मेरी बच्चेदानी तक जाता,
मुझे जन्नत के मजे से भी अधिक मजा मिल रहा था,तभी पापा ने पूछा- बेटी,अब दर्द तो नहीं हो रहा है,‘हाय पापा अब तो बहुत मजा आ रहा है आहहहछ पापा और जोर जोर से चोदिये पापा,’इसी तरह 20 मिनट बाद पापा के लण्ड से गरम गरम मलाईदार पानी मेरी चूत में गिरने लगा,जब पापा का पानी मेरी चूत में गिरा,
तो मैं पापा से चिपक गई और मेरी चूत भी फलफलाकर झड़ने लगी हम दोनों साथ ही झड़ रहे थे,पापा ने फिर मुझे रात भर चोदा,सुबह 12 बजे सोकर उठे तो मैंने पापा से कहा- पापा आज फिर चोदेंगे?‘अरे मेरी जान अब मैं बेटीचोद बन गया हूँ,अब तो रोज ही चोदूँगा,‘अब तू मेरी दूसरी बीवी है पर पापा जब मम्मी आ जाएंगी तो?’
‘मेरी जान उसे तो बस एक बार चोद दूंगा और वो ठंडी हो जाएगी फिर तेरे कमरे में आ जाया करूंगा,मैं फिर पापा के साथ रोज सुहागरात मनाने लगी,ये थी मेरी चुदाई को दास्तां,कहानी को अंत तक पढ़ने वालों का धन्यवाद…
Note ये कहानी सत्या घटना है केवल नाम और स्थान बदले हुए हैं…
Have questions or suggestions after reading this article? Feel free to contact me—I’m always open to feedback, discussions, and meaningful connections.
Email-fantasybusiness83@gmail.com