नमस्कार दोस्तों, ये मेरी पहली सेक्स स्टोरी है,मेरी और मेरी बड़ी दीदी के बीच की है जब मैं कॉलेज में पढ़ता था, मेरी दीदी की शादी होने वाली थी. मेरे घर में चार मेंबर थे.एक मैं,मम्मी, पापा और दीदी मेरी बहुत हॉट थी,उनकी शादी होने वाली थी दस दिन बाद,
मैं कॉलेज से लौटा था,हॉस्टल में ही रहता था.पहले मैं अपनी दीदी के बारे में बता दूँ.वो बहुत हॉट है. दो बड़े-बड़े बूब्स हैं,एक हॉट लड़की की सारी खूबियां हैं. फिगर 34-32-36 है, उपभरा हुआ बदन है उनकी गांड गदराई हुई है,जो भी एक बार उनको देख लेता है, तो सेक्स करने का सपना ज़रूर देखता है,
पर मैं ये नहीं जानता था कि ये मौका मेरे जीजा जी से पहले मुझे मिलेगा,बात उस टाइम जब मैं घर पे आया तो मम्मी-पापा जॉब पे गए थे। आते ही मैं अपने रूम में सोने चला गया,रात भर सफ़र करके आया था मैं और थका हुआ था,लेकिन मैंने रात को भाई-बहन की चुदाई की कहानी पढ़ी थी,
तो मेरे मन में अपनी दीदी के साथ सपने में सेक्स कर रहा था। मेरा लौड़ा मेरी पैंट से पूरा बाहर आ गया था और सीधा खड़ा था,
तभी दीदी को काम था,शॉपिंग करने जाना था उनको घर पे कोई नहीं था, तो उन्होंने मुझे बोला था जब मैं घर आया था कि तुम मेरे साथ शॉपिंग करने चलना मैंने हाँ कर दिया था,
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तब दीदी मेरे कमरे में आई बिना दस्तक दिए ही, और मेरा लंड खड़ा था। उसे देख कर मेरी दीदी चौंक गई। 8 इंच का लंड खड़ा था। उसको देख कर दीदी के मन में कुछ-कुछ होने लगा। तो दीदी ने आके मेरे लंड को छू दिया। दीदी को अच्छा लगा और वो गीली हो गई थी।मैं जाग गया जब उन्होंने मेरा लंड टच किया। फिर मैं बोला-
मैं: क्या हुआ दीदी? वो खड़ी हो गई और मुझ से दूर चली गई। उन्हें लगा कि मुझे नहीं पता चला,दीदी: अरे चलो शॉपिंग करने चलते हैं (थोड़ा डरते हुए बोली)पहले मैंने अपने लंड को कंबल से ढका और बोला-मैं: ठीक है दीदी चलो,दीदी: ठीक है मैं नीचे इंतज़ार करती हूँ,
मैंने पहले अपने लंड को शांत किया और तैयार होकर 10 मिनट में नीचे चला गया,दीदी:आ गया,मैं: हाँ,फिर मैंने बाइक स्टार्ट की और हम चल पड़े। रास्ते में जब भी मैं अपनी दीदी को रियर व्यू मिरर में देखता, वो शर्मा जाती मैं समझ गया दीदी का पानी निकालना ही होगा अब मैं बहुत खुश हो गया,
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मैं अब मिनट-मिनट पे ब्रेक मारता। उनका बूब मेरी बॉडी को टच करता तो मुझे बहुत मज़ा आता और अंदर ही अंदर दीदी भी खुश होती थी। हम मॉल चले आए यहाँ आने के बाद। दीदी: चलो मेरे साथ मेरे कपड़े पहनने में मदद करना,पहले उन्होंने कुछ साड़ी ली, क्योंकि अब उनकी शादी होने वाली थी,
फिर उन्होंने अपना अंडरवियर ब्रा लेना था। वो मुझे ले गई। दीदी ने मुझसे पूछा: तुम्हें कौन सा रंग पसंद है? मैं: लाल। दीदी: ठीक है,आज मैं लाल पैंटी और ब्रा लूँगी,मैं शॉक हो गया ये सुन के यहाँ तक मैं समझ गया था कि दीदी पूरी तरह से तैयार थी,फिर मैंने हिम्मत करके दीदी के कंधे पे हाथ रखा,
मुझे लगा कि वो हाथ हटा देंगी, लेकिन दीदी ने सर नीचे कर लिया,अब हम दोनों पूरे मॉल कपल की तरह हाथ में हाथ दाल के घूम रहे थे। फिर दीदी मुझे मोमो की दुकान ले गई,उसके बाद हमने मोमोज खाए,फिर दीदी को मैं साइड में ले जाकर किस कर लिया,उनकी गांड को मैंने ज़ोर से दबा दिया,
दीदी पूरी तरह लाल हो गई थी। मन कर रहा था ये पटक के पेल दूँ। लेकिन मैंने कंट्रोल किया,फिर दीदी गुस्से में बाहर आ गई। मॉल से जैसे ही बाहर आए,वो मुझ पर गुस्सा करना शुरू कर रही थी। मैंने किस कर लिया और दीदी शांत हो गई। फिर बोली-
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दीदी: क्या प्लान है? मैं: किसी को चोदना है,दीदी: किसे?मैं: आपको,दीदी: अच्छा तुमसे मैं नहीं चूदने वाली हूँ मैं: ठीक है देखते हैं,दीदी: मुझे नहीं लगता कि तुम मुझे चोद पाओगे,मैं:जीजा जी से पहले नही चोदा तो मैं आपसे बात नहीं करूंगा,दीदी: देखते हैं,
फिर हम घर आ गए,अभी घर पर मम्मी पापा नहीं आए थे,वो दोनों 2 घंटे बाद आने वाले थे,दीदी अपने कमरे में चली गई और फिर दीदी ने मुझे बुलाया फोन पे बेबी का मैसेज भेज के मैं स्पीड में दीदी के कमरे में गया,तब देखा दीदी वही ब्रा पैंटी पहनकर अपने बिस्तर पर साड़ी लपेट के बैठी थी,
मैं देखकर शॉक हो गया,दीदी: आओ सुहागरात मनाते हैं,तुम्हारे जीजा जी को पूरी तैयारी करके मिलना चाहती हूँ मैं दीदी के बूब्स देख कर पागल हो गया था,दोनों बूब्स ब्रा के बाहर निकालने के लिए परेशान थे,मैंने पहले उनका घूंघट उतारा,यह वही साड़ी थी जो उन्होंने ली थी मॉल में,
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फिर उन्होंने मुझे कसम खिलाई कि मैं किसी को नहीं बताऊंगा कि हम दोनों ने सेक्स किया और आगे कभी वो आएंगी तो मैं उनको अपनी बीवी की तरह मनाऊंगा,मैंने हाँ कर दी। फिर मैंने दीदी को किस करना शुरू कर दिया,मैंने उनके होंठों पर अपना होंठ रख दिया फिर आम-रस की तरह मैंने चूसना शुरू कर दिया,
किस्स करते-करते मैंने उन्हें बिस्तर पर पलट दिया,फिर उन्होंने अपना दम दिखाना शुरू कर दिया और मेरे कपड़े उतारने शुरू कर देती है मैंने भी उनकी ब्रा पैंटी उतार दी,वो जो नज़ारा था, मेरे जीवन का सबसे अच्छा नज़ारा था,उनके बूब्स बाहर आ गए, जिन्हें आज तक किसी ने टच नहीं किया था,
आज मैं उन्हें मसल रहा था,उनकी चूत पे थोड़े बाल थे,जिन्होंने देख कर मेरे लंड सातवे आसमान में था,तब दीदी ने बोला-दीदी: ब्लोजॉब करना है मुझे उन्होंने मेरे लंड को ज़ोर से पकड़ा और पूरा मुँह के अंदर ले लिया,फिर ज़ोर-ज़ोर से ऊपर-नीचे करने लगी, जैसे की इस चीज़ के लिए वो कब से इंतज़ार कर रही थी,
दस मिनट तक उन्होंने पूरा मेरा लंड चूसा,फिर वो अपने चूचियों पे मेरा वीर्य लगाकर रंडी की तरह हँस रही थी,उसके बाद मैंने उनके बूब्स को बहुत चूसा,फिर वो मुझे बोलने लगी-दीदी चोदो मुझे चोदो मुझे फिर मैंने अपना लंड सीधा उनकी चूत पे रख दिया। मैंने सीधा उनकी चूत की छेद के सामने लंड रखा,
और ज़ोर से धक्का मार दिया, इससे मेरा आधा लंड उनके अंदर चला गया,पहली बार था उनका वो ज़ोर से चिल्लाने लगी,फिर मैंने दूसरा धक्का लगाया और पूरा अंदर कर दिया,उनकी आँखों से आँसू आने लगे,फिर मैंने पूछा:निकाल लूँ क्या? उन्होंने आह आह करते हुए कहा: नहीं, और चोदो,
फिर मैंने ज़ोर से धक्का देने लगा,दीदी आह अहह ओह ओह्ह हम्ममम मुझे चोदने लगी,अब उन्हें बहुत मज़ा आने लगा,फिर वो मेरे ऊपर आ गई और कूदने लगी,उनका निकल गया पूरा और मैंने भी उनके अंदर ही निकाल दिया,फिर हम दोनों ने अपने अपने कपड़े पहने,
फिर जब तक शादी नहीं हुई मैं और दीदी हर दिन मौका देख कर चुदाई करते,अब दीदी को भी लंड की आदत हो चुकी थी, उनकी चूत की खुजली मैं हर दिन मिटता था, कहानी को अंत तक पढ़ने वालों का धन्यवाद…
Note ये कहानी सत्या घटना है केवल नाम और स्थान बदले हुए हैं….
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