मेरा नाम पंकज है मेरी उम्र 19 साल है मेरा लन्ड बहुत मोटा है और बड़ा भी ये स्टोरी मेरे घर की है जो रियल स्टोरी है,मेरा घर एक गाँव में है मेरे घर में मेरी मम्मी विमला जो 46 साल की है दिखने में आज भी माल लगती है उसकी चूचिया बहुत बड़ी है,
और देसी औरत होने के वजह से वो अभी भी जवान है,मेरा एक बड़ा भाई हैं जो 22 साल का है रमेश उसका नाम है,गांव में जल्दी शादी होने के वजह से मम्मी ने भाई की शादी तय कर दी है और मेरे पापा अब नही है। मै पढ़ने के लिए शहर में ही रहता हूँ,
लगबग 4 साल से गांव नही गया। लेकिन मम्मी ने बताया भाई की शादी है तो गाँव पहुँचा जब मै गांव पंहुचा तो शादी को एक महीना था,भाई की शादी पड़ोस के गांव से ही हो रही थी। जब मैं घर पहुँचा तो देखा घर पर काफी रिश्तेदार थे,
मेरे चाचा और चाची भी आये थे जो हमसे बहुत दूर रहते है। और मेरी मौसी और मौसा भी थे। मेरे चाचा की बहू भी आईं थी,यानी मेरी भाभी गांव में सब रिश्तेदार शादी के कुछ दिन पहले से ही डेरा डाल लेते है। मेरा चाचा शम्भू जो 48 साल और चाची कौशल्या 46 साल और मौसा राजन 42 मौसी कमला 40 साल और मेरी भाभी शर्मिला 21 साल है,
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जब भाई की शादी सर्दी में थी। काफी ठंड पड़ रही थी,मेरे घर कच्चा है पर बहुत बड़ा है। जब रात को सब बातें कर रहे थे। तभी मेरी शर्मिला भाभी मेरे पास और बोली पंकज कैसे हो मैने कहा ठीक हूँ उस वक़्त मेरी नियत ठीक थी,भाभी ने कहा कभी अपनी भाभी से भी आके मिल लिया करो मैने कहा ठीक है अबकी बार जरूर आऊँगा,
फिर सब ने खाना खाया और अपने अपने कमरे में ग़ुस गये। मम्मी ने कहा तुम शर्मिला के साथ लेट जाओ,भाभी ने मम्मी से कहा पर ये मेरे साथ मम्मी और बच्चा है अभी लिटा लो। फिर भाभी ने एक बहुत ढीली मैक्सी पहनी और बालों को खुला रक्खा और हम एक ही रजाई में घुस गये,
फिर भाभी से पूछा भाभी भईया क्यों नही आये वो बोली तेरे भईया सहर में काम करते हैं दो महीने में एक दो बार ही आते है। और रात को मै भाभी से लिपट कर सो गया। सुबह भाभी नहा रही थी तो मेरी नजर भाभी पर पड़ी उनकी चुचिया देख कर मेरा लंड टनटना गया,
और मेरी नियत खराब हो गयी,दिन में मैने देखा मेरे चाची और मम्मी कुछ बात कर रही थी। फिर चाची ने पता नही कैसे पर मम्मी की दोनों चूचियो अपने दोनों हाथो से दबा दिया मम्मी आह क्या कर रही है तू चाची देख रही है गर्मी ख़त्म तो नही हो गयी,
मम्मी देखना है तो भेज दे अपने मर्द को मेरे पास चाची उसके में अब दम नही है इतना कहकर मम्मी चली गयी। रात को भाभी मेरे पास लेटी और मुझसे पूछा पंकज तुझे कैसी लंडकी पसंद है मैने कहा मुझे आपकी जैसी पसंद है भाभी हँसने लगी और मेरे एक दम करीब आकर लेट गयी,
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उनकी गर्मी से मेरे लंड खड़ा हो गया और वो मेरे पेट पे हाथ फेर रही थी,उनका हाथ मेरे लंड से लग गया वो बोली ये क्या है पंकज दिखावो मैने कहा कुछ नही वो जबरदस्ती रजाई हटाने लगी। मेरी नेकर में टैंट बना हुवा था। वो समज गयी की क्या था। फिर रजाई डाली और बोली तुमने किसी के साथ किया है,
मैने कहा क्या वो बोली प्यार और क्या मैने नही कहा और वो बोली मेरे साथ करोगे तो मै बोला आप तो मेरी भाभी हो आपसे कैसे वो मेरी तरफ करवट लेते हुए बोली आज कल जो करते है देवर भाभी ही करते है और बोली किसी से कहना मत मैं समज गया भाभी गर्म हो चुकी है,
उन्होंने अपने हाथ को मेरी चड्डी में डाला और मेरे लंड को पकड़ लिया और बोली पंकज तेरा तो तेरे भैया से भी बड़ा है और मेरे हाथ को अपनी मैक्सी के ऊपर से चुचियो पर रखा और बोली पंकज अपनी भाभी की चुचियो को दबाव ना उनके गुलाबी होट को मेरे होट पर रख कर चुसने लगी और फिर वो इतनी गर्म थी,
की मेरे लंड को मुह में लेके चुसने लगी। मै आह….भाभी…..मै….. छूट…जाऊँगा और वो फच्च की तरह मेरा लंड चूस रही थी,मैं स्स्स आह कर रहा था फिर मैं झड़ गया मेरा मॉल भाभी के होटो पर और मुह में चला गया और और भाभी ने मेरा एक हाथ अपनी बुर पर रख दिया और बोली आज से ये तेरी,
मेरे राजा जितना मन करे मुझे चोदने का चोद लेना और अपनी मैक्सी उतार कर नंगी हो गयी,मुझे चिपका कर एक चूची मेरे मुँह में देदी और मै उनके निपल्स को चूसता रहा कुछ देर बाद मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया और भाभी बोली पंकज अब इसे मेरी बुर (चूत)मे डालो,
मै लंड सेट नही कर पाया उन्होंने मुझे अपने ऊपर लिटा कर मेरे लंड को अपनी चूत पर सेट किया और मैने तुरंत उसे पेल दिया भाभी चिलाने लगी आह..चिलाने लगी साले मेरी चूत फाड् दी इतनी तेज क्यों डाल दिया और फिर मै दक्के लगाने लगा,
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भाभी आह….सस्स धिरे करो मर जाऊँगी उमआआआ हासस्स धिरे चोद और फच्च की आवाजें आ रही थी तभी भाभी चिलाई मै गयी आह… आँखे बंद कर ली फिर मेरे लंड पर भाभी का रस से मै भी झड़ गया और पूरा माल भाभी की चूत में छोड़ दिया,
और बगल में गिर गया और सो गया। फिर सुबह उठा तो भाभी के पास गया तो वो मुझसे बात नही कर रही थीं मैने कहा क्या हुवा हो गुस्से में बोली तुमने मुझे कल जबरदस्ती चोद दिया मैने ने कहा पर आप ने ही तो सुरुवात की थी फिर उन्हीने कहा मैने कहा था आराम से करना मेरी चूत में दर्द होने लगा है,
फिर मैने माफ़ी मांगी और वो मान गयी। फिर दिन मै उन्होंने साडी पहनी थी और मैने उन्हें पीछे से उनकी चूचियों को पकड़ कर ब्लाउज के ऊपर से मसलने लगा वो बोली कोई आ जाय गया हटो। फिर उन्होंने कहा रात को तुमको कुछ दिखा दूगी,
मैने कहा क्या वो बोली रात को बताऊँगी,फिर शाम को उन्होंने मुझे बुलाया और मुझे घर के पीछे जहा कोई नही जाता वहा ले गयी। वहा दो कमरे थे जिसमें भूसा पईरा पड़ा था। दोनों कमरो के बीच एक किडकी थी। उन्होंने मुझसे कहा आज तुम मेरा रेप करो,
मैने उनकी साड़ी उतार दी वो ब्लाउज और पेटीकोट में थी,मैने उनके ब्लाउज को फाड़ डाला और उनकी चुचियो को रगड़ने लगा हो भी गर्म हो कर मुझे किस करने लगी और बोली मोसम गर्म हो गया,
इतने में किसी की आवाज आयी और भाभी ने मुझे चुप रहने का इसहरा किया। और सामने वाली किड़की से मुझे बुलाया और कहा था ना तुंमको कुछ दिखाऊँगी मैने देखा तो दंग रह गया। मेरी मम्मी और चाचा जी थे। चाचा जी मम्मी के ब्लाउज के ऊपर से उनकी चुचियो को दबा रहे थे,
और बोल रहे थे भाभी तुंमको कब से चोद रहा हूँ याद है मम्मी बोली हा देवर जी आपने तो दो बार अपना बीज मेरी कोख में डाल और मुझे चोदा अब चोदो जल्दी से.फिर चाचा ने मम्मी को नगा किया और अपने लंड को उनकी चूत में पेल कर दक्के लगाने लगे,
भाभी ने कहा तुम्हारी मम्मी को मेरे ससुर चोद रहे है तुम मुझे चोदो। मैने उनकी कमर से पेटीकोट का नारा खिंचा और उनकी उनकी दोनों टाँगों को फैलाया और अपना लंड उनकी चूत पर रखा और एक दक्के में अंदर कर दिया,
भाभी आह… धिरे करा कर और तेजी से दक्के लगाने लगा… भाभी… आह… उमआआआ… और आह…. सस्स्सा की आवाज निकलने लगी मेरी मम्मी की भी आवाज आ रही थी। और फिर भाभी निच्चे से भी कमर हिलाने लगी कुछ देर बाद मेरा माल निकल गया,
फिर मैंने उठकर देखा तो चाचा मम्मी की गाड़ मर रहे थे मम्मी आह… सस्स… मर गयी आह चाचा कह रहे थे ले साली मुझे पता है तू अपने समधी से भी चुदवा ले लेगी और फिर चाचा ने अपना माल मम्मी की गाड़ में छोड़ दिया। फिर मै मम्मी में अपने कपड़े पहने और दोनों वहा से चले गये,
भाभी से मैने पूछा तुंमको कैसे पता चला वो बोली कल रात को मै उठ कर पिसाब करने गयी थी,तब मैने देखा विमला नीचे लेटी थी और मेरे ससुर उनके ऊपर से चोद रहे थे। फिर वो बोली मेरी सास को भी शम्भू से चुदवा दूँगी,
फिर अगले दिन भईया के सास ससुर आये और सादी में क्या और कैसे हो बातचीत सुरु हु वी। सास संध्या 44 और ससुर रमन 46 के है वो लोग जाने लगे तो मम्मी ने रोक लिया बोली समधी जी कल जाना अब। मै समझ गया कि मम्मी आज अपने समधी का लंड लेंगी,
साम को मम्मी में अपने समधी को खेत दिखने ले गईं और मै उनके पीछे गया मम्मी ने पिली साड़ी और सूटर पहना था जिसमे उनकी कमर और तोदी दिख रही थी। फिर उन्होंने कुछ बाते कर खेत दिखाए और वापिस आ गई,मुझे लगा था की शायद कुछ होगा पर रात को भाभी से बताया तो वो बोली ठीक है करने दे,
और रात मम्मी और समधी जी आग तापते हुए बात कर रहे थे मम्मी सुंटर के सारे बटन खोल कर बैठी थे समधी जी उनकी चुचियो को देख रहे थे। फिर मम्मी उठ कर समधी जी को बिछे वाली कोटरी में ले गयी। मै भी गया और देखा तो मम्मी अपने सूटर को उतार दिया,
रमन जी बोले अरे समधन जी क्या हुवा मम्मी ने कहा गर्मी लग रही है फिर रमन ने कहा तो साड़ी भी उतार दीजिये। मम्मी ने अपनी साड़ी उतार दी रमन की आँखे फटी रह गयी। और मम्मी बोली समधी जी और कुछ फिर मम्मी ने कहा अब सर्दी लग रही है फिर रमन जी में उनके पास जाके,
उनके लाली को चुसने लगे और मम्मी ने उनकी पेंट को उतार दिया और उनका लंड को मसलने लगी,बोली लगता है आज आप अपनी समधन को ठंडा कर दो गे। रमन बोले सुबह से तुमने अपनी चूचिया को दिखा कर मुझे गर्म कर दिया है,
फिर रमन जी ने मम्मी के ब्लाउज को उतार दिया ब्रा ना होने के वजह से उनकी बड़ी चुचिया को दबाने लगे,मम्मी बोली आह… धिरे धिरे दबाव ना राजा फिर ससुर जी ने उनके पेटीकोट में अपना हाथ डाल कर उनकी चूत को सहलाने लगे,
बोले अरे रानी तेरी चूत बहुत गर्म है मम्मी हाआआ… समधी जी डालो अपने लंड को फिर मम्मी को लिटा कर उनकी दोनों टाँगों को ऊपर उठा दिया और उनकी चूत इतनी गीली थी की रमन जी लंड अंदर ग़ुस गया.रमन जी ने धक्के मारने शुरु कर दिए मम्मी अह ऊंह आह करने लगी,
फिर रमन जी ने मम्मी को घोड़ी बना कर कर चोदा अब मम्मी ऊंची आवाज़ में चिलाने लगी आहा ऊंहा अह ऊंह मर गई,फिर रमन जी ने सारा मॉल मम्मी की चूत के छोड़ दिया,कहानी को अंत तक पढ़ने वालों का धन्यवाद..
Note ये कहानी सत्या घटना है केवल नाम और स्थान बदले हुए हैं..
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