दोस्त की हॉट मां Part 1 indiasex stories

दोस्त की हॉट मां, मेरा नाम राहुल है मैं राजस्थान का रहने वाला हूं, मेरा दोस्त जिसका ना तरुण था, हम दोनो एक कॉलेज में थे

मेरा नाम राहुल है मैं राजस्थान का रहने वाला हूं, मेरा दोस्त जिसका ना तरुण था, हम दोनो एक कॉलेज में थे,

तरुण की मां का नाम संगीता था , वो बहुत हॉट थीं, मैं थोड़ा हम दोनो के बारे में बता देता हूं, तरुण ओर मैंने एक साथ कॉलेज में ऐडमिशन लिया था हमारी दोस्ती कॉलेज में ही हुई थीं तकरीबन आठ से दस महीने हो गए थे,

मैं कई बार तरुण के घर जाया करता था, तरुण पिता अक्सर काम के सिलसिले में शहर से बाहर रहते थे, मैने तरुण की मां को कभी बुरी नज़र से नही देखा क्युकी वो देखने लायक नही थी हमेशा ढीले कपड़े पहने हुए घर का काम करती रहती थीं,

कई बार तो उनको देखे बिना ही मैं बात कर के तरुण के साथ चला जाता था, कई बार संगीता मुझे घर पर रुकने के लिए बोलती थी लेकीन मैं मना कर देता था,

अब कहनी पर आते है, बात 2012 की है जब तरुण ने मुझे उनके रिश्तेदार की शादी में बुलाया, शादी एक पैलेस में ( रात में ) थीं, मैं थोड़ा लेट पहुंचा जहां तरूण पहले ही अपनी मां के साथ आ गया था,

मैं तरूण से मिला ओर पूछने अकेला आया है क्या आन्टी nhi dikh रही, तब तरूण ने बोला नही मां भी आई यही कही पर होंगी,

तभी तरूण की मां सामने से आती दिखाई दी, ब्लैक साड़ी रेड बॉडर के साथ, लंबे खुले हुए बाल जो इतने लंबे के कूल्हों तक आते थे, डार्क होठों पर लिपस्टिक लगा हुए, एक बार तो मैं पहचाना ही नही के ये तरुण की मां है, इतनी हॉट लग रही था अब क्या ही बताऊं,

नाम: संगीता
उम्र:35 वर्ष
फिगर: 36 28 39

मुझे देखते ही बोली आ गए राहुल कैसे हो मैनें बोला ठीक हूं आन्टी मैंने तो आप को पहचाना ही नही था, फिर उसने तरुण को हम जूस लाने भेजा, फिर मुझे दोबारा पूछने लगी अभी तुमने क्या कहा के मुझे पहचाना नही मतलब मैं समझी नही तुम तो रोज़ घर आते थे,

तरुण को लेने तो फिर, मैंने बोला नही आंटी मेरा मतलब मुझे टोकते हुए बोली पहले तुझे आंटी मत बोलो, फिर मैने सोचा ये तो ग्रीन सिग्नल दे रही हैं,

फिर मैने बोला आप को कभी ऐसे नही देखा आप तो बहुत ब्यूटीफुल और फिर संगीता बोली ओर क्या आगे बोलो, मैंने बोला हॉट हो, तो मुस्कुराने लगी ,इतने मैं तरूण जूस ले कर आ गया हमने जूस पिया, फिर खाना खाने लगे,

रात के 11:30 बजे मैं और संगीता बात कर रहे थे तभी तरुण आया और बोला मैं थोड़ी देर और रुकता हूं तू मां को घर छोड़ दे, क्यूंकि उसकी गर्लफ्रेंड भी शादी में थी, उसने बाइक की चाबी मुझे दी, मैंने बोला चलो आप को घर छोड़ के मैं भी घर चला जाऊंगा, संगीता मेरे पीछे बैठ गई,

पहले तो कुछ दूरी पर थी जैसे ही शादी के पैलेस से हम दूर हुए तो, संगीता मुझ से चिपक के बैठ गई उनके बूब्स को मैं फील के रहा था अपने पीछे,

मैंने सोच लिया अब तो इसकी लेनी है चाहे कुछ भी हो जाए, फिर मुझ से पूछने लगी तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है ? मैंने कहा नही तो बोली क्यों, मैंने कहा मेरे टाईप की कोई मिली नही अभी तक,

फिर पूछने लगी क्या है तुमरा टाईप मैंने कहा आप के जैसे हो ब्यूटीफुल और हॉट तो मुस्कुराने लगी फिर थोड़ी देर में तरुण का घर आ गया, मैने संगीता को घर छोड़ कर जाने लगा तो बोली यही रूक जाओ रात बहुत हो गई,

मैने थोड़ा सोचा फिर बोला ठीक है बाइक अंदर लाने के बाद गेट बंद किया अंदर जाने के बाद में बैठ गया ,संगीता मेरे सामने खड़ी हो गई और बोली अब बोलो मैं तुम्हे कहा से हॉट लगती हूं, मैं भी बेशर्म हो सोचा जो होगा देखा जाएगा,

मैंने कहा ऊपर से लेकर नीचे तक आप आग से भी ज्यादा हॉट हो, आप के सामने तो सब चाय कम पानी है, शादी में सब दुल्हन को नही आप को देख रहे थें, यह सब सुन कर संगीता थोड़ा शरमाने लगी, फिर बोली अच्छा, मैं खड़ा हुआ ओर बोला हां , मैं उनके सामने खड़ा था एक इंच का भी फासला नही था, उनकी सांसे मुझे सुनाई दे रही थी,

मैंने संगीता को दोनो हाथो से पकड़ लिया ओर वो मुझ से लिपट गई, मैंने भी उन्हें बाहों में भर लिया और उनके कूल्हों को दबाने लगा वो सिसकरिया लेने लगी,

फिर मैने उनके होठों को चूमने लगा, चूमते हुए उनके गालों और फिर गले पर भी चूमने लगा, मैने कोई जल्दबाजी नहीं की सब कुछ बहुत आराम से किया क्योंकि मैं जानता था रात मेरी है,

फिर मैने धीरे से उनका पल्लू हटाया तो उनकी चूचियां देख कर हैरान हो गया इतनी बड़ी और सुडौल मानो कोई 18 की लड़की की हो, फिर धीरे धीरे मैने उनके सीने पर चूमना शुरू किया, संगीता की सिसकारियां अब आह आह में बदल गई, फिर मैंने उनके ब्लाउज़ के बटन खोले एक एक कर के फिर उनकी ब्लैक ब्रा निकाली,

दोनो बूब्स को मसलने लगा फिर मुंह से चुने लगा, चूसते हुए संगीता को वही पर लेटा दिया जहा मैं बेटा हुआ था, उनकी साड़ी उतारी अब वो सिर्फ पेटीकोट में थी, बूब्स को मसलते हुए मैं उनकी नाभी की ओर बढ़ने लगा ,

उनकी नहीं गहरी थी, मैंने अपनी जीभ को उसके डाल दी, संगीता चरम आनंद में उठकर मुझ से लिपट गई, मैंने वापिस लिटाया और बोला डार्लिंग अभी तो शुरुआत है, फिर मैने उनका पेटीकोट उठा अब वो सिर्फ पेंटी पहने मेरे सामने लेटी हुई थी, उभरा हुआ बदन गोरा रंग सच में बहुत सुंदर थी,

फिर पेंटी को उतारा उनकी चिकनी चूत बिना बालो के क्या मस्त चूत थीं फिर मैने उनकी जांघों को सहलाते हुए चूमने लगा तो एक खुशबू सी आ रही थी मैनें पूछा आप यहां पर भी परफ्यूम लगाया है तो बोली कुछ मत पूछो प्लीज जो कर रहें हो करती रहो,

फिर मैने चूत को चाटने लगा संगीता पहले ही गीली हो गई थीं,फिर दोनो टांगो को ऊपर कर के चाटना शुरू किया, उनकी चूत में अपनी जीभ को डालने की कोशिश कर रहा था, वो आहा आह उन्हू उन्हूं करने लगी, फिर मैं उन्हे घोड़ी बना दिया, फिर से उनकी चूत को पीछे से चाटने लगा,

वो गहरी आवाज़ में बोली बस कर अब जान ही लेकर मनोगे क्या प्लीज लंड डाल दो अब रहा नही जा रहा ,फिर मैंने पीछे से अपना लंड उनकी चूत में डालना शुरू किया और झटके मरने लगा , संगीता को पुरा आनंद मिल रहा था, फिर मैं लेटकर उन्हे अपने लंड पर बिठा कर अच्छे से चोदा, फिर मेरा माल निकल गया, उस दिन हमने 3 बजे तक चूदाई की..

Note: कहानी सत्या घटना है केवल स्थान और नाम बदले हुए हैं…idiasex stories

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