सफर में अंजान आंटी की चुदाई





नमस्कार दोस्तों मैं संजय आज मैं अपनी जीवन की एक घटना बताना चाहता हूं ,ये घटना तब की हैं जब मैं ट्रेन में यात्रा कर रहा था,दोस्तो इस आंटी की चुदाई तो बड़ी आसान थी, मैंने आंटी गलती कह दिया लेकिन वो मस्त मॉल थी मेरी उम्र २४ साल है लेकिन मुझे शादीशुदा औरते बहुत अच्छी लगती हैं,






मैं २४साल का हूँ और मेरे लंड का आकार 7 इंच का है। खैर ये आंटी रायपुर से चढ़ी थी,वो अपने 2 साल की बेटी के साथ इस AC कम्पार्टमेंट में चढ़ गई और उसकी सीट बिल्कुल मेरे साथ थी मेरा मतलब है कि यह सिर्फ़ दो लोगों के बैठने के लिए थी मुझे उम्मीद है आप समझ गए होंगे,






खैर जब मैं उस रायपुर स्टेशन से उतरा तो मैंने उसके पति से मिला उसके पति ने मेरा मोबाइल नंबर लिया और मुझे कहाँ कि प्लीज़ मेरी बात मेरी बीवी से टाइम टाइम पर बात करवाए,और मैं मान गया और मैंने अपना मोबाइल नंबर दिया। उसे दे दिया। उसका नाम था सुरेश उतना हैंडसम नहीं था पर उसकी बीवी का नाम श्वेता था,






और माँ कसम बिल्कुल डेयरी मिल्क की तरह वो साफ सूत्री थी,तो उसके पति ने उसी समय उसकी बीवी से मेरी जानपहचान करवाई उसकी स्माइल में जादू था,जैसे कि एक नया फूल गार्डन में खिल रहा हो,खैर ठीक 12 बजे ट्रेन वहाँ से निकली और उसके पति ने मुझे थैंक यू कहा अब क्या होना था मैंने उसकी बेटी को अपने गोद में लिया,







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और खूब प्यार करने लगा फिर श्वेता आंटी ने कहा कि मैं ड्रेस बदल कर आती हूँ तो तब तक मैं उसकी बेटी का ख्याल रखूँ। जब वो ड्रेस बदलकर आई तब मैंने देखा उसकी ब्रा थोड़ी ट्रांसपेरेंट थी मैं उसके बूब्स को देखता रह गया थोड़ी देर बाद मुझे जब होश आया तो मैंने उसके बारे पूछ लिया तब मैंने जाना कि वो चेन्नई में रहती हैं







और उसके पति रायपुर के किसी बैंक में काम करते हैं और छुट्टी के वक़्त वो चेन्नई आते थे,तब मैंने तुरंत सोच लिया कि ये शायद सेक्स नहीं करती होगी,तो अचानक उसकी बेटी ने मेरे गाल को किस किया जिसका मैंने भी धीरे से जवाब दिया और वो हम दोनों के किस को बड़े प्यार से देख रही थी,जब सोने का वक़्त आया तो मैंने देखा,







उसकी बेटी मेरे साथ सोने की ज़िद कर रही हैं तो श्वेता आंटी ने मुझे अपनी बेटी दे देती मैं ऊपर सो रहा था और श्वेता नीचे सो रही थी,मैं कहाँ सो पा रहा हूँ उसकी मस्त जवानी को देख कर मैं उसकी बेटी के साथ खेल रहा था,तब आधे घंटे बाद श्वेता उठकर अपनी बेटी को उठा रही थी कि अचानक मैंने थोड़ा उदास होने का एक्टिंग कर बैठा,







मैंने कहा कि प्लीज़ अपनी बेटी को मेरे पास सोने दे,तो उसने मुझे अपनी बेटी दे दी और वो थोड़ी देर बैठ कर चुपके से रोने लगी,मैं तुरन्त नीचे उतारकर उसे सॉरी कहा,तो उसने कुछ नहीं कहा फिर मैंने थोड़ा हिम्मत करके उनके हाथ पकड़कर मेरे गाल पर थोड़ा ज़ोर थप्पड़ दिलाया तो वो मुझे कहने लगी ये क्या कर रहे हो?







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मैंने कहा कि अगर मैं आपकी बेटी अपने साथ ना सुलाऊ तो ठीक हैं आई एम सॉरी,तो वो थोड़े और रोने लगी वैसे मैं उस एसी कम्पार्टमेंट के बारे में बता दूँ वैसे तो हमारे बाजू वाला खाली था और हम इस a/c में ट्रैवल कर रहे थे तो उसमें पर्दे लगे होते हैं जिससे कोई हमें देख नहीं सकता था तो मैंने उसका हाथ पकड़कर पूछ कि वो क्यों रो रही हैं तो उसने कहा,







कि उसके पति उससे प्यार नहीं करते ना ही उसकी बेटी से तो मैंने कहा ऐसा ना कहे वो आपको ज़रूर याद करते होंगे,तो वो फिर भी रोने लगी मैंने और थोड़ा हिम्मत करके उनके आंसू पोछे तो उसने मेरे हाथ को पकड़ कर उसे चूम लिया,जिसे मैंने कुछ ना कह सका,मैंने धीरे से उसके कान के पास जाकर कहा कि मैं उसकी बेटी से और उसकी खूबसूरत माँ से,







बहुत प्यार करता हूँ,तो उसने आँख बंद करके मुझसे लिपट गई,मैं उसके बूब्स को महसूस कर रहा था,तो उसने भी धीरे से जवाब दिया कि चलो अब बेटी से प्यार खत्म हो गया हो तो उसकी माँ को प्यार करो,मैंने उसे पहले उसके माथे पर चूमा फिर मैंने उसकी आँखों को फिर नाक को फिर उसके गालों को अच्छी तरह से चाटा और फिर उसके,







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मुलायणों से होठों को चूमने लगा,वो थोड़ी गरम हो गई थी,मैंने उसे कहा कि तुम सो जाओ तो उसने कहा क्यों मैंने कहा तुम पहले लेट जाओ फिर देखो मेरा जादू वो तुरंत मुस्कुराई और लेट गई,मैं तुरंत बाथरूम गया और अपनी अंडर वियर निकाल कर सिर्फ अपनी लोअर पहनकर वापस आया वो मेरा बेसब्री से इंतजार कर रही थी मैं उसकी आँखों में,







प्यार की प्यास देख सकता था,मैं अंदर बैठ गया और मैंने पर्दा गिरा दिया ताकी हमें कोई ना देख सके,अच्छा अब होना क्या मैंने धीरे से उसके बूब्स को मसल रहा था, वो बेचारी ज़ोर से चिल्लाना चाहती थी पर वो चिल्ला ना सकी बस आह अहह ओह ओह्ह कर रही थी,फिर मैंने धीरे से उसकी नाइटी के अंदर हाथ डालकर उसकी ब्रा खोल दी,







और उसने कहा कि मुझे नंगी कर दो,मैं ये बात सुनकर और गरम हो गया,मैंने बड़े आराम से उसके नाइटी को उतारा और उसके बूब्स और उसके होठों के साथ चूम रहा था मैंने भी अपने कपड़े उतारे,मैं सिर्फ बनियान और अपने लोअर में था और वो सिर्फ अपने पायजामा और अंडरवियर के साथ थी,






मैं उसके बूब्स को १५ चूमने के बाद,मैंने अपने हाथ उसके पायजामे अंदर डालकर उसकी चूत को अंडरवियर के बाहर से सहला रहा था,वो मुझे पागलों की तरह देख रही थी फिर उसने मेरे होठों को प्यार से काटा जिससे मैं और मेरा लंड और गरम हो गया,मैंने अपने हाथों से उसका नाड़ा खोला और उसकी अंडर वियर को थोड़ा नीचे कर दिया,







और अब मैं उसकी चूत के अंदर अपनी उंगली घुसा रहा था,उसकी चूत तो पहले से ही गीली थी,अब मैंने अपनी दोनों उंगली से उसके चूत के दाने कुरेदना शुरू किया तो उसकी सांसे तेज़ हो गईं और मुझे वो नज़ारा देखने में बड़ा मज़ा आ रहा था,मैंने अचानक तीन उंगली उसकीचूत में ज़ोर-ज़ोर से अंदर बाहर करने लगा,अब तो वो पूरी गर्म हो गई थी,







वो मेरे साथ देने लगी,मैं उससे किस भी कर रहा था और एक हाथ उसके बूब्स और निपल्स को मसल रहा था और दूसरा हाथ उसकी चूत में ज़ोर ज़ोर से घुसा रहा था ठीक 5 मिनट बाद वो झड़ गई और मैं उसके चूत के रस को चाटने लगा तो उसने कहा ऐसा तो मेरे पति भी नहीं करते,







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तो मैंने कहा प्लीज़ इस वक़्त अपने पति को मत याद करो तो वो थोड़ा मुस्कुराई और मैंने उससे कहा अब मेरे क्या होगा तो उसने कहा चलो बाथरूम में चलते हैं,अंदर जाते ही उसने मेरी तरफ अपनी गांड घुमा कर झुक गई, उसके कहा प्लीज़ मेरी चुदाई करो पीछे, मैंने कहा मुझे भी यही पसंद हैं, मैने लंड पर थूक लगाया,






और अपने लंड के सुपाड़े को चूत के मुहाने पर रख धक्का मारा,वो लंड जाते ही चीखी और फिर शांत हो गई और आह अहह ओह ओह्ह हम्ममम हम्ममम करने लगी,बाथरूम में पट पट की आवाजें गूंजने लगीं, ताकिरबन ,२० चुदाई के बाद मेरा मॉल निकल गया,






मैंने सारा मॉल उसकी गांड के ऊपर छौड़ दिया,वो भी मेरे मॉल की एक एक बूंद को पूरी गांड पर मसल कर कामुकता को शांत करने लगी, फिर अपने खुद को साफ किया और आकर बैठ, थोड़ी देर बाद फिर से चुदाई की,पूरे सफर में चुदाई चलती रही… कहानी को अंत तक पढ़ने वालों का धन्यवाद…




Note ये कहानी सत्या घटना है केवल नाम और स्थान बदले हुए हैं…




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