मैं एमपी के एक छोटे से गाँव से हू 12वी की पढ़ाई पूरे होने के बाद आगे पढ़ाई के लिए पैसे न होने के कारण family वालों ने मुझे जबरजसती शहर भेजा ताकि मे कुछ काम कर सकू, फिर मैं शहर आया मुंबई यहा पर हमारे गाँव से ही कुछ आए हुये थे. यहां पर मैं मिला रामू चाचा से जो यहीं पर नौकरी करते थे , उनकी एक लड़की थी जिसका
नाम : रूपा
उम्र: 21 साल
फिगर: 36 28 36
था उसका फिगर ऐसा के देखते ही खड़ा हो जाए सांवला रंग था मगर बहुत हॉट थी.रामू चाचा सभी एक छोटे से घर मे ही रहते थे बाद मे मुझे पता चला रामू चाचा एक Famous Building मे रात को watchman का कम करते थे.
Sorry मैंने अपने बारे मे तो बताया ही नही।
नाम : Prince
उम्र :20 साल
रंग : गोरा
लिंग size 7-8 इंच
मेरे दोस्तो का बहुत ही हरमियों का था जो पूरा दिन सेक्स की बाते की किया करते थे लड़कियो की चुचिया देखते गंड का सीजे आंखो से नापते इतने हारामी किसम के थे उनही की वजह से मैं भी बिगड़ा हुवा था .
अब कहानी मे आगे बढ़ते है मैंने रामू चाचा को अपने घर के हालातो के बारे मे बताया तो रामू चाचा ने मुझे अपने साथ वाचमैन के काम पर चलने को कहा मुझे यह काम पसंद नहीं था लेकीन थोड़ा सोचने के बाद मैंने कहा ठीक है जब तक कोई ओर कम न मिल जाए यही कर लेते है. Duty का समय था रात 10 से सुबह 7 तक..
Duty का पहले दिन था रामू चाचा Building एक Gate पर और दूसरे पर मुझे खड़ा होने को कहा जहां पर थोड़ी कम रोशनी आती थी ..
तकरीबन 12:30 के बीच building में एक कार black कलर की चमकती हुई वो ठीक उसी जगह खड़ी हुई जहा पर मैं खड़ा था, वो थोड़ा आगे चली गई, आगे जाने बाद वो कार रुकी तो उसमे से कुछ अजीब आवाज़े आ रही थी ,
मुझ से रहा नही गया तो मे पोल के पीछे से छिप के देखने लगा , आगे जो मैंने देखा मेरी आंखे फटी की फटी रहे गई, एक आंटी जिनकी उम्र शायद 35-40 होगी जो की एक जवान लड़के से अपनी चुत चटवा रही थी वो भी कार के बोनट के ऊपर,
आंटी इतनी गोरी थी की उसकी दोनों टंगे मैं आसानी से देख सकता था चूट नही दिखाई दी क्यूकी वाहा पर उस लड़के मुह था
आंटी ओहह हाँ हाँ ऐसे ही कर मज़ा रहा है रुखना नही अपनी ज़ुबान को अंडर दाल दे कुछ ऐसे आवाज़े निकाल रही थी यह सब देख केआर मेरा भी खड़ा हो गया और मैं भूल गया के मैं कहा हू..
मैंने भी अपनी ज़िप खोल कर हिलना शुरू कर दिया , वो इतने बुरी तरीके से चूट को चाट रहा था मानो कोई ice क्रीम हो आंटी के boobs को दोनों हाथो से भी दबा रहा था ..
ये सब देख कर मुझे ओर जोश आ गया तभी रामू चाचा ने मुझे आवाज़ लगाई मैं जल्दी ज़िप को बंद किया और रामू चाचा के पास चला गया तो वो बोले थोड़ी देर यही पर रहो मैं थोड़ी देर मे आया,
मुझे गुस्सा बहुत आया लेकिन मैंने कुछ नही कहा..
फिर सुबह हम घर आ गए ,रामू चाचा बोले तू अब आराम कर ले मुझे थोड़ा काम बाहर जाना थोड़ी देर मे आता हू बोल कर चले गए ..
फिर मैं सोने की कोशिश करने लगा मगर रात को जो देखा वही आंखो सामने बार बार आ रहा था. जहां पर मैं लेटा हुया था उसके ठीक सामने रामू चाचा के घर बाथरूम था शायद कोई अन्दर था इतने मे देखा तो रूपा बाथरूम से निकली नहा कर,,
मैं तो उसे इस तरह देख कर हैरान हो गया,, गीले बाल बूब्स बिना ब्रा के उसके निप्पल खड़े हुए थे क्योंकि उसने सिर्फ नाइटी पहनी हुई थी,, उसके दोनों कूल्हो पर नाइटी चिपकी हुई थी
मैं उसके एक एक अंग को बारीकी से देख रहा था और वो मुझे देखते हुए कमरे मे चली गई मैं थोड़ा घबरा गया, फिर मैं बाथरूम की ओर बागा अन्दर जा कर मैंने खुद को शांत किया, फिर सोने के लिए लेट गया ,
फिर मैं शाम को उठा देखा तो रूपा कोलज से वापिस गई थी ओर चाचा भी घर पर थे मैं फ्रेश हुआ शाम को नाश्ता करने लगा मैं ज़्यादा बात नही करता था, क्योंकि मुझे आए हुए अभी ज़्यादा दिन नही हुए थे ओर पता नही क्या क्या देख लिया था..
कुछ दिन ऐसे ही बीत गए मैं हर रात Building मे उस कार को ढूंडता रहा मगर दोबारा नही मिली, एक दिन रामू चाचा की तबीयत ठीक नही थी तो मुझे अकेले ही Duty पर जाना पड़ा.. तकरीबन रात 11:30 देखा तो रूपा स्कूटी से Building के बाहर आई ओर मुझे बुला रही थी मैंने जा कर गेट खोला ओर उसे अन्दर बुला कर पूछा क्या हुया तो बोली पापा ने तुम्हें चाय देने के लिए कहा था वही देने आई हूँ..
मैंने बोला ठीक है फिर हम थोड़ा साइड मे हो कर चाय पीने के लिए बैठ गए …
चाय पीते हुए मैं रूपा को देख रहा था उसने नीचे लूस पजामा ओर ऊपर ढीली टी-शर्ट पहनी हुई थी तभी रूपा बोली एक बात पुछू मैंने कहा हां पूछो न उसने पूछा तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है पहले तो मैं हैरान हो गया मगर फिर मैंने मुसकुराते हुए जवाब दिया नही अभी तक कोई नही है फिर रूपा बोली झूठ मत बोलो मैंने कहा सच मे कोई नही है इतने मे चाय खतम हो गई मैंने बोला अब घर जय लेट हो रहा है रूपा उठकर जाने लगे तो उसका पैर फिसल गया..
फिसल कर वो ज़मीन पर गिर गई मैं उसे उठाने लगा कंधो से पकड़ कर तो उसके बूब्स पर मेरा हाथ प्रैस हो गया, हाथ लगते ही वो सहन गई फिर मैंने जान बूझ कर दूसरे बूब्स को भी प्रैस कर दिया रूपा की जिसम की आग मानो भड़क उठी…
फिर मैंने उसे उठाया ओर पूछा कही चौट तो नही लगी रूपा को मानो सांप सूंग गया हो , वो कोई जवाब नही दे रही थी मैंने फिर पूछा कही चौट तो नही लगी इतने मे रूपा मुझ से लिपट गई ….. Wait For Part-2
Note: कहानी सत्या घटना है केवल स्थान और नाम बदले हुए हैं…indiasex stories
Have questions or suggestions after reading this article? Feel free to contact me—I’m always open to feedback, discussions, and meaningful connections.
Email-fantasybusiness83@gmail.com