नमस्कार दोस्तों,मैं राहुल फिर से हाज़िर हूं अपनी चुदाई की कहानी लेकर आप से निवेदन हैं कृपया पहला भाग जरूर से पढ़ ले ताकि आप को कहानी अच्छे से समझ आए और आप पूरे मजे ले पाए अब आगे की कहानी,






मैंने उन्हें बताया कि मैं अपने लंड पर क्रॉच वगैरह तो करता ही हूँ, मालिश भी करता हूँ. ऐसे ही इतनी चुदाई थोड़े ही कर ली है इस लंड से! कुछ देर तक मेरा लंड चूसने के बाद भाभी अलग हुईं और अपने दूध दबाने लगी फिर उन दोनों ने मिलकर भाभी को नंगी कर दिया,






साली क्या मस्त रंडी लग रही थी एकदम मस्त माल हम तीन लड़कों के सामने वह एकदम नंगी खड़ी हुई अपने दूध मसलती हुई मानो चैलेंज दे रही थी कि आ जाओ एक एक करके मैंने भाभी को वासना से देखा उसके दूध एकदम तने हुए थे और फिगर 32-30-34 का था,







उसके एकदम परफेक्ट दूध ऐसे लग रहे थे मानो मुझे आमंत्रित कर रहे हों चूसने के लिए जैसे ही वह नंगी हुई और उसने उंगली से इशारा किया, वे दोनों लड़के उसके चूचियों पर टूट पड़े भाभी को शायद पता था उन लौंडों की कैपेसिटी के बारे में,इसलिए उसने मुझे देखते हुए जीभ से अपने होंठों को अश्लीलता से चाटा,







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तो मैं समझ गया कि भाभी को मेरे लंड में कुछ विशेष रुचि है पर मैंने कुछ नहीं किया, पहले उन दोनों लड़कों को करने दिया तब तक मैंने इधर उधर देखा तो उन लड़कों के कमरे में सरसों के तेल की शीशी रखी थी मैं उस तेल की शीशी को लेकर अपने लंड की मालिश करने लगा था,







लौड़े को सहलाते हुए मैं उन दोनों को देख रहा था,एक लड़के ने भाभी की चूत में लंड डाला, तो दूसरे ने उनके मुँह में पेल दिया,वे दोनों भाभी से ज़्यादा खुद चिल्ला रहे थे,दोनों बारी-बारी से भाभी को चोदने लगे और झड़ने लगे,मैं अभी अपनी बारी का वेट कर रहा था,







दस मिनट के बाद उन दोनों की कैपेसिटी खत्म हो गई और दोनों ठंडे पड़ गए,उसके बाद भाभी ने मुझे इनवाइट किया,क्योंकि भाभी को पता था कि ये ऐसे नहीं मानेगा और आज यह मुझे बहुत देर तक चोदेगा,अब तक मेरा लंड एकदम रॉड की तरह टाइट हो गया था,







भाभी बस मेरा लंड ही देख रही थी,उस टाइम मैं ये सोच रहा था कि यहां भाभी की चुदाई सही से नहीं होगी,मैं भाभी को लेकर बाथरूम में चला गया और दरवाज़ा लॉक कर दिया,उधर अन्दर मैंने भाभी की चूचियों को अच्छे से चूसा और उनको लाल कर दिया,फिर मैंने भाभी की चूत में उंगली डाली,







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दस मिनट तक चलाई,पानी से उसकी चुत को उन दोनों लड़कों के रस से साफ कर दिया,चुत साफ करने के बाद मैंने भाभी की गांड पर जोर-जोर से थप्पड़ मारे और शॉवर ऑन कर दिया,भाभी बोली- अब बस करो यार, मुझे पता है तुम उस्ताद हो चुदाई के … गर्म करके चोदते हो मैं अब बहुत गर्म हो चुकी हूं







पहले मुझे चोद दो यह सुनकर मैंने भाभी को बाथरूम का गेट पकड़ कर घोड़ी बनाया और देर ना करते हुए अपना मोटा लंड उसकी चूत में पेल दिया,शायद भाभी को ऐसा टाइट और मोटा लंड पहली बार मिला होगा,वह बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी,वह आह आह करने लगी,







मगर मैं रुका ही नहीं मैं भाभी की कमर को पकड़ कर स्पीड में धक्के देने लगा और वह चिल्लाने लगी,तभी लड़के बाहर से हँसते हुए बोले- ओ भाई, क्या कर रहा है बड़ी गजब आवाज़ आ रही है बाहर तू भाभी को बाहर आकर चोद ले न उसे कुछ हो ना जाए!वे दोनों आपस में हंस हंस कर सेक्सी बातें कर रहे थे,







‘साले का लंड भी देख कितना बड़ा कर रखा है,उसका लंड तो मानो कोई लोहे रॉड जैसा लगता है इसी वजह से यह इतनी सारी चुत चोद चुका है,मैं बस उन दोनों की बातें सुन सुन कर खुश हो रहा था और भाभी की चुदाई कर रहा था,बीस मिनट की चुदाई के बाद भाभी की हालत खराब हो गई,







वह ठीक से खड़ी भी नहीं हो पा रही थी,उसके बाद मैंने भाभी को अपने लंड पर बिठाया और उसे उछाल-उछालकर चोदने लगा, उसे किस करने लगा,अब उसे भी मज़ा आने लगा था तो वह मेरा पूरा साथ दे रही थी,भाभी खुद झुक कर मुझे किस करने लगी थी और अपने दूध मेरे सीने पर रगड़ने लगी थी,







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अब तक हम दोनों चुदाई में इतने गर्म हो चुके थे कि अब दोनों से ही कंट्रोल नहीं हो रहा था,मैं चुदाई की स्पीड बढ़ा रहा था,अब तक 35 मिनट हो चुके थे,मैं झड़ने वाला हो गया था,मैंने भाभी से बोला- मेरा निकलेगा भाभी वह बोली- आह निकल जाओ न … मेरी चुत में अपना सारा माल झाड़ दो,







यह सुनकर मैंने अपनी स्पीड और बढ़ाई और अपना पूरा माल उसकी चुत में गिरा दिया,झड़ने के बाद मैंने भाभी से अपना लंड चूसने को कहा वह लपर लपर लंड चूसने लगी,मेड सेक्स करने के कुछ मिनट तक हम दोनों ऐसे ही बाथरूम में पड़े रहे,फिर कपड़े पहने और मैं अपने फ्लैट मैं जाने लगा,







उन दोनों लड़कों में से एक बोला- भाई पैसे तो देकर जाओ! तभी भाभी ने मना कर दिया,वह बोली- इससे मत लो,रहने दो … पहली बार था इसका भाभी को मेरा लंड बहुत पसंद आ गया था.तब से लेकर अब तक जब भी मेरा मन करता है,







भाभी मुझसे चुदवाने आ जाती है और मुझे उसे पैसे भी नहीं देने पड़ते हैं,अब वह खुद मुझे पैसे देती है और बोलती है- अपने लंड को और मोटा करो, जब तक तुम दिल्ली में हो,मैं तुमसे ही चुदूँगी तुम्हारी चुदाई ने मुझे चरम सुख मिलता हैं.कहानी को अंत तक पढ़ने वालों का धन्यवाद…





Note ये कहानी सत्या घटना है केवल नाम और स्थान बदले हुए हैं…





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