प्यासी आंटी की चुदाई पड़ोस में –1




नमस्कार दोस्तों मैं दिल्ली से राज हूँ, उम्र 21 साल, मेडिकल कर रहा हूँ- यह मेरा सेकंड ईयर है, ज़्यादा समय ना लेते हुए,मैं अपनी कहानी पर आता हूँ और दोस्तों ये मेरे जीवन की असल कहानी है ओर मेरा पहला अनुभव है मैं अपने पर्सनल घर में रहता हूँ,







और ज़्यादा जगह होने के कारण पापा ने 6 रेंट का घर बनवा दिया, उन घरों में से एक घर जो कि एक कपल का था उनका कोई बच्चा नहीं था, अंकल और आंटी हमारे फैमिली के बहुत पास थे क्योंकि हम लोग हमारे रेंट के घर में 6 सालों से रह रहे थे,बच्चा न होने के कारण वो आंटी, जिनका नाम सोनिया था,






उनकी उम्र करीब 35-38 साल थी,वो एक बेटा गोद लेना चाहती हैं, क्योंकि उनके पति चुदाई नहीं कर पाते, थोड़ा आंटी के बारे मैं बता दूं आंटी एक मस्त मॉल है 38-25-36 थी, जब वो रुकती थी तो मानो अपनी ब्रा में दो तरबूज ले कर चल रही है,रंग गोरा, बाल छोटे,होंठ तो इतने सेक्सी कि पूछिए मत हमेशा पिंक लिपस्टिक, और आँखें तो इतनी नशीली कि मत ही पूछिए,







अंकल एक सेलर हैं इसलिए हमेशा बाहर ही रहते हैं। बात उन दिनों कि है जब मैं अपनी पूजा की छुट्टियों में घर आया था,वैसे मैं बीबीएसआर में पढ़ता हूँ मेडिकल कॉलेज में,क्योंकि बीबीएसआर में दुर्गा पूजा में लंबी छुट्टी मिलती है,मैं घर आ गया,दूसरे ही दिन सुबह जब मैं नहाकर अपने टेरेस पे कपड़े सुखाने गया,







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तब मेरी नज़र सोनिया आंटी पर पड़ी,वो क्या लग रही थी यार लाल साड़ी पूरी फिटिनफ, गांड पूरी टाइट, दूध तो ऐसे निकले हुए थे की पूछो मत,वो अपने घर के बाहर अपने दोस्त से बात कर रही थी,फिर मैं सोचा इतने दिन बाद आया हूं तो उस सेक्स की दुकान से मिल ही लूँ,मैं उनसे बहुत फ्रेंडली था,शाम को मैं उनके घर गया,







अंदर घुसते ही मैंने देखा वो चूत की रानी एक मस्त साड़ी में है, बिल्कुल सेक्सी दिख रही थी,उनसे मैंने बात-चीत की,वो कुछ उदास सी लग रही थी,मैंने उनसे कारण पूछा तो उन्होंने कुछ नहीं कहा,फिर वो मेरे लिए चाय बनाने किचन में गई,जैसे ही वो किचन  में गई, मैं तुरंत उनके बेडरूम में गया और अलमारी खोलकर ढूंढने लगा,








कि कुछ तो होगा जिससे वो खुद को संतुष्ट करती होगी, क्योंकि इतनी सेक्सी आंटी बिना सेक्स 2-3 महीने नहीं रह सकती होगी, मैंने एग्डम ऊपर वाले सेल्फ में 3 डिल्डो और एक वाइब्रेटर देखा, और सारे 7’  से बड़े थे,ये देखकर मैं तो हैरान रह गया, मैं वो ही देख रहा था कि सोनिया अचानक रूम में आ गई,







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मैं डर गया और डर के मारे कहने लगा कि आंटी, मुझे माफ करना कि मैं बिना पूछे आपके रूम में आ गया और आपकी पर्सनल चीजों को देखा, प्लीज आंटी ये बात मेरे पेरेंट्स को मत बताना, आंटी ने फिर थोड़ी देर बाद कहा कि “मिल गया तुम्हारे सवाल का जवाब” मैंने अपना सिर नीचे कर लिया,







फिर उन्होंने अपने बिस्तर में बिठाकर कहने लगी कि तुम्हारे अंकल तो अक्सर बाहर ही रहते हैं तो मैं क्या करूं ये जो तुमने देखा वो ही मुझे संतुष्ट करते हैं, मैं मन ही मन कह रहा  था की “आंटी अब मैं ही आपको संतुष्ट करूंगा” मैं सोच ही रहा था कि आंटी ने अचानक मेरी जांघों पर हाथ रख कर कहा कि,







“राज मुझे लगता है तुम मेरी समस्या को समझ रहे हो और अब तुम्हें ही यह समस्या का  हल करना पड़ेगा” यह सुनते ही मैं तो सातवे आसमान पे चढ़ गया और सोचा कि कहीं मैं सपना तो नहीं देख रहा,जिसको मैं चोदना चाहता था वो ही मुझे ऑफर दे रही है फिर आंटी ने अचानक मेरे सर को पकड़ कर अपने







ओर खींच लिया और मुझे बिना कुछ बोलने का मौका दे दिया मुझे एक लंबी लिप लॉक दे दी,वो लिप लॉक करीब 10 मिनट का था,मैं तो दंग ही रह गया,फिर आंटी ने सेक्सी मूड में कहा कि “राज तुम मुझे संतुष्ट करोगे ना! यह सुन के तो मैं बहुत खुश हो गया और मेरा 8.7’ का लंड खुशी के मारे खड़ा हो गया,







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फिर सोना ने मेरे पैंट के ऊपर हाथ रख दी, उसका हाथ पड़ते ही मेरे शरीर में मानो करंट सा लग गया, मैंने कहा कि “आंटी अभी!!”  तो उसने कहा “अब नहीं तो कब”, मैंने कहा कि आपका बेटा अगर आ गया तो, तो उसने कहा कि वो स्कूल गया है वो दोपहर के 2 बजे आएगा,फिर तो मुझे ही कंट्रोल नहीं हुआ,







मैं झट से जाकर उनके बेडरूम का दरवाजा बंद कर दिया, आंटी का डबल बेड रूम था, मैंने वहीं अपनी टी-शर्ट उतार दी और आंटी के पास आ कर खड़ा हो गया, और फिर वो भी खड़ी हो गई और इस बार तो मैंने उन्हें ऐसा लिप लॉक दिया कि वो आज भी याद रखी होगी, मैंने आंटी का पूरा लिपस्टिक निगल लिया,







आंटी ने फिर अपने पल्लू को नीचे गिरा दिया, मैंने तो फिर उसकी 38 साइज के बूब्स देखकर बिना देर किए उन्हें दबाने लगा, वो पूरी गरम हो गई थी, उसके बूब्स बहुत टाइट थे,मैंने कुछ देर बाहर फिर से दबाया और फिर धीरे-धीरे उसके ब्लाउज के बटन खोल दिए,अब वो मेरे सामने खड़ी कामुकता की देवी लग रही थी,मैंने कंट्रोल नहीं किया और बिस्तर पर बिठाकर उसके चुचियों,







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को दबाने लगा और फिर धीरे-धीरे उसकी ब्रा के स्ट्रिप्स को साइड से गिरा दिया और आखिर में उसकी ब्रा को भी खोल दिया और फिर तो मैंने उसके बूब्स को पागलों की तरह चूसने लगा,उसकी चूचियां इतनी टाइट थी कि मानो इंजेक्शन था,आखिर में उसे भी मजा आने लगा,वो भी अभी सिसकारियां भरने लगी और कहने लगी “चूसो राज दवाओ और ज़ोर ज़ोर से दबाओ,







आज मैं तुम्हारी हूँ” मैं फिर उसे बिस्तर पर लिटा दिया और मैंने उसके होंठों चूमना शुरू किया, धीरे-धीरे मैंने उसके पेट की तलियाँ पोछ लीं, तब तक वो पूरी गरम हो गई और कहने लगी “फाड़ दो मेरी सारी को राज और खा जाओ मेरी चूत को”, मुझे भी बहुत जोश चढ़ गया और मैंने अपनी हाथ उसकी साड़ी के अंदर ले गया और उसकी चूत को रगड़ने लगा,







उसकी चूत पूरी गीली हो चुकी थी, फिर कुछ देर रगड़ने के बाद मैंने उसकी साड़ी के साथ उसकी पेटीकोट को धीरे-धीरे नीचे कर दिया और आखिर में उन्हें उतार कर नीचे गिरा दिया, अब तो मेरे सामने पूरी नंगी थी,बिना देर किए, मैंने अपना सिर उसके दो पैरों के बीच ले आया,पहले जैसे ही मैंने अपनी उंगली उसकी चूत में डाला तो वो लंबी सिसकारी ली,







तो मुझे और जोर जोर से करने को कहा,उसकी चूत एग्डम गोरी, क्लीन शेव्ड थी, इसने मुझे लगा इसकी चूत में कोई अपना लंड नहीं घुसा पाया है, मैं खुस हो गया मैंने फिर उसकी चूत को चाटने लगा वो बहुत खुस हो गई और कहने लगी आज यह चूत तुम्हारा है राज, जो करना है कर ले,फाड़ दे इसे औरत पूरी 15 मिनट तक,






चाटता रहा इस दिन वो दो बार झड़ चुकी थी,फिर मैं किस करता हुआ ऊपर आया और उसके पास लेट गया,हम दोनों कुछ देर लेते रहे, फिर वो मुझे कहने लगी कि “राज, थक गया क्या”, मैंने कहा नहीं!, ये सुनते ही वो झट से उठी और मेरे पैंट के बेल्ट को खोलने लगी, आगे क्या क्या हुआ अगले भाग –2 में…



Note ये कहानी सत्या घटना केवल नाम और स्थान बदले हुए हैं…



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