नमस्कार दोस्तों,मेरा नाम दादा है और मैं पिछले 6 महीने से फैंटेसी सेक्स स्टोरी पढ़ रहा हूँ,यह सच में दिलचस्प है,मैं अपनी कहानी पे आता हूँ, मेरी उम्र 28 साल है,यह मेरी सच्ची कहानी है। यह तब की बात है जब मैं 23 साल का था और पोस्ट ग्रेजुएशन के लिए नासिक जा रहा था मैं पहली बार मेरे एक दोस्त के साथ नासिक ट्रेन से जा रहा था,
जैसे ही हम लोग बडनेरा में ट्रेन में चढ़े तो बोगी एक अधेड़ उम्र 40 साल की औरत रंग सवाला और मोटी गांड अपनी बच्ची के साथ बैठी थी,उसकी माँ उसको स्टेशन छोड़ने आई थी शायद उसे मुंबई जाना था मेरी नज़र जैसी ही उस पे पड़ी उसने भी मेरे से नज़र मिलाई और उसकी नज़र में ना जाने क्यों मुझे वासना दिख रही थी,वो शायद विधवा थी क्यों कि उसके माथे पे सिंदूर नहीं था,
ट्रेन में काफी भिड़ होने की वजह से हम लोग एक तरफ़ कह रहे थे, जैसे ही मैंने उसकी तरफ़ फिर से देखा तो वो उसकी माँ की नज़र चुराके मुझसे मुस्कराई और मुझे उसके तरफ़ बैठने का इशारा किया मुझे लगा कि वो किसी और से कह रही होगी और मुझमें इतनी हिम्मत भी नहीं थी कि मैं उसकी माँ के सामने उसके पास जाकर बैठूँ जैसे ही ट्रेन चल पड़ी उसने माँ को अलविदा किया और मुझे राहत मिली,
आप सभी मेरी कहानी Fantasystories.in पर पढ़ रहे हैं, यहां पर आप को रिश्तों में चुदाई, दोस्त की हॉट मॉम की चुदाई,मेरी हॉट चाची,लेस्बियन सेक्स स्टोरी,देसी गांव की सेक्स स्टोरी,थ्रीसम सेक्स स्टोरी,ससुर बहू का गुप्त रिश्ता,दीदी की चुदाई जंगल में देवरानी जेठानी का प्यार पढ़ सकते है,
ट्रेन में मैं लगातार उसे देख रहा था क्योंकि मेरा लंड उसकी कामुक नज़र का जवाब दे रहा था,मैंने अपना लंड जो पैंट में खड़ा होकर फँसा रहा था उसे ढकने के लिए अपनी शर्टिंग निकाल दी,मेरा दोस्त बोला क्या गड़बड़ है तो मैं बोला भाऊ आइटम चुदक्कड़ दिख रहा है,वो बोले लगे रहो बाकी मैं संभलता हूँ,हम लोगों को अकेले में उसके ठीक सामने वाले अपर बर्थ पे बैठने को जगह मिली,फिर हमारा इशारा करने का और मुस्कुराने का,
सिलसिला चालू हुआ कुछ ही देर में भुसावल आने वाला था और हमारे सामने वाला अपर बर्थ खाली होने वाला था,मैंने उसको अपर आने के लिए इशारा किया लेकिन उसने इशारे में मुझे बताया कि उसकी बच्ची को तकलीफ होगी,उसने मुझे कहा “उसके बैठने वाला आदमी उतरने वाला है तो मैं वहा आके बैठूं” भुसावल आने के बाद मैं उसके पास जाकर बैठ गया,वो एक बड़ी वाली सिंगल सीट पर बैठी थी इसलिए उसका पूरा बदन मेरे बदन से टकरा रहा था,
आप सभी मेरी कहानी Fantasystories.in पर पढ़ रहे हैं, यहां पर आप को रिश्तों में चुदाई, दोस्त की हॉट मॉम की चुदाई,मेरी हॉट चाची,लेस्बियन सेक्स स्टोरी,देसी गांव की सेक्स स्टोरी,थ्रीसम सेक्स स्टोरी,ससुर बहू का गुप्त रिश्ता,दीदी की चुदाई जंगल में देवरानी जेठानी का प्यार पढ़ सकते है,
और इस वजह से मेरे लंड का बुरा हाल था,धीरे-धीरे मैंने अपने एक हाथ उसकी कंधे से होता हुआ खिड़की पे रखा उधर मेरा दोस्त एक लड़के के साथ गप्पे मर रहा था और मेरी हरकतों पर नज़र रख रहा था।मैंने उससे पूछा उसकी बेटी के पापा साथ नहीं आए तो उसने कहा कि “उनका 4 साल पहले देहांत हो गया”। फिर मैंने धीरे-धीरे मेरे हाथ उसके खड़े से उसके बूब्स पे सरकाना चालू किया उसने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी,
मुझे सिग्नल मिल गया कि अपना काम बन सकता है और यह सोचकर मेरा लंड और भी खड़ा हो गया जिसे पैंट में छुपाना मुश्किल था,तो मैंने पैंट थोड़ा एडजस्ट किया उसने देख लिया और मुस्कुरा दिया,फिर मैंने धीरे-धीरे उसके बूब्स दबाना चालू किया तो उसने अपनी साड़ी का पल्लू मेरे हाथ के ऊपर से डाल दिया ताकि किसी को पता न चले,फिर मैंने उसको दबाना चालू की तो वो धीरे से सिसकियां भर रही थी,
और सिसकियां छुपाने के लिए उसने अपने हाथों की घड़ी के बीच छुपा लिया और अपने एक हाथ मेरे हाथ पे रखकर जोर से अपने बूब्स दबवाने लगी दबाते दबाते अचानक उसका नंगा बूब्स मेरे हाथ में आया तो मैं समझ गया कि उसने ब्लाउज को थोड़ा ऊपर सरका लिया है,रात के 2.00 बजे थे और सभी लो सो रहे थे मैंने पूरे जोश में उसके बूब्स दबाना चालू किया इतने में मेरे लंड से पानी निकलने लगा, क्योंकि ये सब बहुत देर से चल रहा था,
आप सभी मेरी कहानी Fantasystories.in पर पढ़ रहे हैं, यहां पर आप को रिश्तों में चुदाई, दोस्त की हॉट मॉम की चुदाई,मेरी हॉट चाची,लेस्बियन सेक्स स्टोरी,देसी गांव की सेक्स स्टोरी,थ्रीसम सेक्स स्टोरी,ससुर बहू का गुप्त रिश्ता,दीदी की चुदाई जंगल में देवरानी जेठानी का प्यार पढ़ सकते है,
फिर मैंने धीरे-धीरे मेरे हाथ बूब्स के नीचे सरकते हुए उसकी पैंटी तक ले गया और उसने जवाब में थोड़ा शरीर सीधा किया ताकि मेरा हाथ उसे चूत तक पहुँच सके,जैसे मेरे हाथ ने उसके घुंघराले काले बालों वाली चूत को छुआ उसके मूँ से ज़ोर से सिसकी निकल पड़ी जो मेरे दोस्त को सुनाई और वो मुझे बोला थोड़ा आहिस्ता कर ताकि किसी को शक न हो थोड़ी देर बाद मैंने उसे कानों में कहाँ बाथरूम जा रहा हूँ,
तुम भी आओ मैं जैसे ही बाथरूम में गया,मैंने दरवाज़ा लॉक किए बिना छोड़ दिया और वो कुछ मिनट में उसी टॉयलेट में आ गई मैंने चार दरवाज़े लॉक कर दिए और उसको बाहर निकाल लिया उसने भी मुझे कसके पकड़ लिया,ऐसा लग रहा था जैसे वो बरसों से प्यासी है,मैंने टाइम गवाए बिना उसकी साड़ी ऊपर कर दी और उसको कामोद पे झुकने को बोला,जैसे वो झुकी मैंने उसकी गांड पे मुंह रख दिया और उसके काले छेद को चाटने लगा,
उसकी तो जैसे जान ही निकल गई उसने कहा गांड चाटने में भी इतना सुख है ये तो मुझे मालूम ही नहीं था,मैंने पूछा क्या तुम्हारे पति ने कभी तुम्हारी गांड नहीं मारी, तो वो बोली वो तो खाली चूत में ही लंड डालता और 8-10 झटके में खाम हो जाता था और मैं उंगली से काम चलाती थी,फिर मैंने उसकी काली मोटी गांड को दो हाथों से फैलाया और उसकी गांड का रस पीने लगा,
आप सभी मेरी कहानी Fantasystories.in पर पढ़ रहे हैं, यहां पर आप को रिश्तों में चुदाई, दोस्त की हॉट मॉम की चुदाई,मेरी हॉट चाची,लेस्बियन सेक्स स्टोरी,देसी गांव की सेक्स स्टोरी,थ्रीसम सेक्स स्टोरी,ससुर बहू का गुप्त रिश्ता,दीदी की चुदाई जंगल में देवरानी जेठानी का प्यार पढ़ सकते है,
मैंने अपनी एक उगली उसकी चूत में डालदी जो कि पहले से ही जूस से बह रही थी और उसको अंदर बाहर करने लगा,मैंने फिर अपना थूक निकाला और उसकी गांड पे अच्छी तरह लगाया और थोड़ा मेरे लंड की टोपी और अपनी एक उगली उसकी गांड में डाली तो वो चिल्लाई और बोली “थोड़ा धीरे से करो पहली बार अपनी गांड चुदवा रही हूँ” मैंने कहा “जैसा तुम कहो जानेमन,
गांड मारने के लिए तो मैं तुम्हारी हर बात सुनूंगा”मेरी उंगली से उसकी गांड थोड़ी ढीली हो गई,फिर मैंने अपना लंड उसके छेद पे रखा और हल्के से धक्का मारा पर लंड नीचे नहीं जा रहा था. काफी टाइट गांड थी उसकी मैंने थोड़ा और जोर लगाया तो लंड का सूपड़ा नीचे चला गया और उसके मुँह से चीख निकल गई, फिर मैंने धीरे-धीरे 2 लंड नीचे डालने की कोशिश और मेरा पूरा 6″ उसकी मोटी काली गांड में समा गया,
एक हाथ से मैं उसकी चूत में उंगली कर रहा था जिससे वो कराहने लगी आह अहह ओह ओह्ह मैं धीरे-धीरे लंड नीचे बाहर कर रहा था और उसका दर्द भी अब थोड़ा काम हो गया था जिसकी वजह से वो चुदाई का मज़ा ले रही थी,कुछ देर बाद वो बोली” और जोर से मेरे राज्ज्ज्जा” “बड़ा मज़ा आ रहा है” आह अहह ओह ओह” डाल और जोर से डाल” अब मैंने भी अपनी रफ़्तार बढ़ाई और 8-10 मिनट बाद उके गांड में ही झड़ गया,
आप सभी मेरी कहानी Fantasystories.in पर पढ़ रहे हैं, यहां पर आप को रिश्तों में चुदाई, दोस्त की हॉट मॉम की चुदाई,मेरी हॉट चाची,लेस्बियन सेक्स स्टोरी,देसी गांव की सेक्स स्टोरी,थ्रीसम सेक्स स्टोरी,ससुर बहू का गुप्त रिश्ता,दीदी की चुदाई जंगल में देवरानी जेठानी का प्यार पढ़ सकते है,
और साथ साथ उसका भी ऑर्गेज़्म हो गया, जैसे ही मैंने अपना लंड उसके गांड में से निकला तो मेरा वीर्य उसकी गांड से टपक रहा था उसने मेरा रस वाला लंड अपने मुँह में लिया और चुनने लगी और कहने लगी”काफ़ी ताकत है तुम्हारे लंड में जिसने मेरी इतनी टाइट गांड भी फाड़ डाली” १० मिनट लंड से चुदवाने के बाद मेरा लंड फिर से टाइट होने लगा,मैंने उसको इंग्लिश कूमोड के ऊपर बैठने को कहा जिससे उसकी चूत मेरे लंड पे आ जाए,
मैंने धीरे से थोड़ा नीचे होते हुए अपना लंड उसकी चूत में डाला जो कि उसके अमृत रस से चिकनी हुई थी,मैंने धीरे धीरे झटके मारना चालू किया तो उसे मुँह से सिसकारियां निकलने लगी”ओह हमम छोड़ो और जोर से सीईईईई मेरे रजाआआआ, मेरी चूत का भरता बना डालो, काफी सालों से प्यासी है लंड के लिए, आज इसे चोद कर फाड़ डालो” मैंने स्पीड बढ़ाई इतनी मुझे लगा कि वो झड़ गई और वो शांत हो गई, मैंने झटके मारने चालू रखा और करीब 5-7 मिनट,
बाद मेरा निकलने वाला था तो मैंने झटके से लंड उसकी चूत से निकाला और उसके मूंह में दे दिया,उसने बड़ी टेस्ट के साथ मेरा पानी पी लिया,फिर हम लोग बोगी में आए और बैठ गए उसने अपना नाम सुरेखा बताया और मुझे बडनेरा उसके घर आने का न्योता दिया, कहानी को अंत तक पढ़ने वालों का धन्यवाद…
Note ये कहानी सत्या घटना है केवल नाम और स्थान बदले हुए हैं…
Have questions or suggestions after reading this article? Feel free to contact me—I’m always open to feedback, discussions, and meaningful connections.
Email-fantasybusiness83@gmail.com