नमस्कार दोस्तों मैं फिर से अपनी आगे की कहानी लेकर हाजिर हूं आप सभी जानते है मैं नीरज की शादी में गया था जो मेरा जूनियर था,हालात ऐसे हुए के सुहाग रात वाले दिन उसकी जगह गलती मैं पहुंच गया,पूरी कहानी समझने के लिए भाग पहला जरूर पढ़े अब आगे
मैंने पीछे से उसकी चोली की डोरी और ब्रा का हुक खोल दिया और पीछे धकेलते हुए उसे बेड पर लेटा दिया,उसके दोनों हाथों को अपने दोनों हाथों से दबा कर मैं उस पर चढ़ गया और अपने होंठ उसके होंठों पर रख दिए,मैं उसके होंठों का रसपान करने लगा,आह बड़े ही कोमल होंठ थे उसके! लिप किस करने में बहुत मजा आ रहा था,चूमते हुए उसकी दबी हुई आग का पता चल रहा था,
रिया भी पूरा साथ दे रही थी,जीभ से जीभ की लड़ाई में बहुत मजा आ रहा था,फिर किस करते हुए ही एक हाथ से मैं रिया के बूब्स को कपड़े के ऊपर से ही दबाने लगा,इससे रिया मचलने लगी,देर ना करते हुए मैंने बूब्स को चोली और ब्रा से एक साथ आजाद कर दिया,सच में बड़े ही सुंदर थे उसके दूध एकदम मध्यम आकार के बिल्कुल तने हुए,स्तनों के बीचों बीच गहरे भूरे रंग के निप्पल,एकदम तने हुए किशमिश की तरह लग रहे थे,
आप सभी मेरी कहानी Fantasystories.in पर पढ़ रहे हैं, यहां पर आप को रिश्तों में चुदाई, दोस्त की हॉट मॉम की चुदाई,मेरी हॉट चाची,लेस्बियन सेक्स स्टोरी,देसी गांव की सेक्स स्टोरी,थ्रीसम सेक्स स्टोरी,ससुर बहू का गुप्त रिश्ता,दीदी की चुदाई जंगल में देवरानी जेठानी का प्यार पढ़ सकते है,
मैंने दोनों बूब्स को हाथ में ले लिया और प्यार से हल्के हाथों से सहलाने लगा,साथ ही अपने होंठ रिया के एक निप्पल पर ले गया, जैसे ही मेरे होंठ रिया के निप्पल पर पड़े रिया ने गहरी सांस ली और मेरा सर जोर से पकड़ लिया,मैं एक-एक करके उसके दोनों बूब्स को बच्चों की तरह बेतहाशा चाटता चूसता गया,कुछ देर बाद स्तनों को जोर-जोर से ऐसे दबाने लगा जैसे आटा गूथ रहा हूं, चूचियों का मजा लेने के बाद मैंने एक हाथ रिया के पेट पर,
फेरते हुए नीचे ले गया और उसके लहंगे का नाडा खोल दिया.
फिर उसके लहंगे को धीरे से नीचे सरकाते हुए उसे रिया की टांगों से अलग कर दिया,अब मैं अपना हाथ रिया की पैंटी के ऊपर ले आया और ऊपर से ही हल्के दबाव से रिया की चूत को रगड़ने लगा,फिर अपने हाथ को धीरे से पैंटी के अन्दर ले गया,उसकी चूत के बाल बिल्कुल साफ थे,उसने अपने दोनों पैरों को कस के जोड़ लिया,मैंने दोनों हाथों से चूत को पैंटी से आजाद करना चाहा पर,
रिया ने मेरे दोनों हाथ पकड़ लिए,मैंने रिया के गाल और होंठ को ऐसे चूमा,जैसे उससे परमिशन मांगी हो,उसने कुछ नहीं कहा,मैं फिर से उसकी पैंटी के पास हाथ ले गया और एक बार और कोशिश की इस बार उसने कोई विरोध नहीं किया,मैंने चूत को पैंटी से आजाद कर दिया,अब रिया मेरे सामने पूरी नंगी थी,मैंने भी झटपट अपने कपड़े उतार दिए,मेरा 7 इंच का लंड अपनी अकड़ दिखाता हुआ बाहर आ गया और उत्तेजना से पूरा कठोर होकर तेज झटके खाने लगा,
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मैंने लंड चुसवाना ठीक नहीं समझा और लंड सहलाते हुए रिया की टांगें मोड़ दीं,मैं उसकी दोनों टांगों के बीच में आ गया,रिया की एक जांघ को चूमते हुए मैं अपने होंठ चूत के पास ले आया,अपनी जीभ निकाल कर उसे एक बार रिया की चूत में ऊपर से नीचे फेर दिया,रिया ने तुरंत अपनी जांघों को दबा कर मेरे सर को कस लिया और मेरे सर के बाल नोचने लगी,पर मैं लगा रहा,मैं कभी रिया की चूत के दाने को छेड़ता,
तो कभी चूत के अन्दर जीभ को घुसाने का प्रयास करता,मैं ऐसा लगातार करता रहा,उसकी चूत पूरी तरह गीली हो चुकी थी,रिया अत्यधिक चुदासी हो जाने के वजह से लगातार ‘आह … आह …ओह…’ की आवाज निकाल रही थी,अब मैंने ज्यादा देर ना करते हुए थोड़ा झुक कर अपना लंड रिया की चूत की फांकों में ऊपर नीचे फेरने लगा,उसकी चूत लंड लेने के लिए अपने आप थोड़ा खुलने लगी और रिया बेचैन होकर गांड ऊपर उठाने लगी,
वह बहुत बेचैन हुई जा रही थी,साथ ही वह बार बार मुझे देखती कि मैं क्या कर रहा हूं,चूत में लंड फेरने के वजह से मेरा लंड भी चूत रस से गीला होकर चिकना हो गया था,मैंने अपने लंड का टोपा पूरा खोला और चूत पर थोड़ा दबाव बना दिया,चूत का मुँह खुला था तो मैंने लंड को अन्दर डालने का प्रयास किया,पर लंड थोड़ा सा ही अन्दर जा सका,वह उन्ह आंह करने लगी,मैंने समझ लिया कि इसकी चूत कसी है और मेरा मोटा लंड अन्दर जाएगा,
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तो यह पक्का चिल्लाएगी,तो मैंने उसके मुँह पर अपना मुँह सैट किया और नीचे से लंड को चूत के अन्दर धकेला,लंड चूत के अन्दर किसी दीवार से जा टकराया,ऐसा लगा कि किसी अवरोध ने मेरे लंड को अन्दर जाने से रोक दिया हो,मैं समझ गया कि इसकी सील पैक है,मैं बहुत खुश हुआ कि कुंवारी चूत फाड़ने का अवसर मिल गया था,वह अवरोध कुछ और नहीं,रिया की चूत की पैक झिल्ली थी और रिया अपने ब्वॉयफ्रेंड होने के बावजूद कुंवारी थी,
मैं कितना खुशनसीब था जो आज एक बार फिर से कुंवारी लड़की को चुदाई करके छेद का उद्घाटन करने वाला था,इससे पहले मैंने कॉलेज टाइम में अपनी सैटिंग की बुर को फाड़ा था,अब मैंने लंड को थोड़ा बाहर निकाला और एक गहरी सांस ली,फिर एक ही झटके में लंड से रिया के चूत की सील को फाड़ते हुए पूरा का पूरा लंड चूत की गहराई में उतार दिया,रिया ने ‘आह उई मां की आवाज के साथ अपने हाथ से बेडशीट को कसके पकड़ लिया,
वह अपने दांतों से तकिये को चबाने लगी,मेरा लंड रिया की छोटी चूत में समा चुका था,मुझे गर्म खून के साथ में चूत की टाईट पकड़ का सुनहरा अहसास हो रहा था,मैं रिया के ऊपर लेट गया और कुछ देर उसी अवस्था में पड़ा रहा,फिर जब रिया सामान्य हुई, तो मैं हल्के-हल्के झटके देने लगा,कुछ ही देर बाद रिया भी अब खूब मजा ले रही थी,उसने मुझे कसके जकड़ लिया था,ये देख कर मैंने भी अपनी तेजी बढ़ा दी और कुछ देर उसी पोजिशन में सेक्स किया,
फिर पोजिशन बदल-बदल कर खूब चुदाई करता रहा,बीच-बीच में मैं रिया की चूत और चूचियों को खूब चाटता चूसता रहा,करीब एक घंटा की चुदाई के बाद दोनों ही झड़ गए,मैंने अपना वीर्य रिया की चूत में ही डाल दिया,फिर रिया उठी और लंगड़ाती हुई बाथरूम में चली गई,मैंने भी झटपट खून लगी बेडशीट बदल दी और सुहागरात वाली बेडशीट को मोड़ कर रख दिया,जब रिया बाथरूम से बाहर आई तो मैं बाथरूम में गया और लंड पर लगे खून को अच्छी तरह साफ कर बाहर आ गया,कमरे में अभी लाईट कम थी,
मैं रिया के साथ सोने का नाटक करने लगा,जैसे ही रिया सो गई, मैं उठा और बेडशीट लेकर कमरे से बाहर आ गया,मैंने अपने कमरे में आकर बेडशीट को अपने बैग में यादगार के लिए रख लिया,अब मैं छत में जाकर टहलने लगा,कुछ देर बाद नीरज अपने बाप के साथ वापस आ गया,नीरज अपने कमर में गया और सो रही रिया को उठा कर उसने भी अपनी सुहागरात मनाई,मैं बाहर से ही रिया की चुदाई की आवाज सुन रहा था,बेचारी बहुत रो रही थी,
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उसकी सील टूटने का दर्द गया नहीं होगा कि आज उसकी दुबारा से चुदाई हो गई,हालांकि उसे लंड का फर्क जरूर समझ आया होगा,लेकिन अभी वह सब उजागर होना बाकी था,फिर मैं अपने कमरे में जाकर सो गया,सुबह देर से उठा,उस दिन शाम को संगीत का कार्यक्रम था,सभी तैयारी में लग गए,जब शाम हुई तो दुल्हा-दुल्हन बाहर स्टेज पर चल कर आए,रिया लंगड़ा कर चल रही थी,यह देख कर सब आपस में फुसफुसा रहे थे कि नीरज ने तो कल खूब चुदाई की होगी,
संगीत शुरू हुआ,रिया कहीं खोई हुई थी शायद उसको पता चल गया था कि कल रात को क्या हुआ,उसकी निगाहें किसी को ढूंढ रही थीं,शायद वह मैं था जिसने उसकी सील को तोड़ा था,उसने मुझे देखा पर वहां और भी लड़के भी थे तो शक सही नहीं बैठ रहा था,संगीत कार्यक्रम समाप्त हुआ,अगले दिन सब अपने-अपने घर चले गए,मैं भी नीरज से विदा लेने गया,नीरज और उसकी नई दुल्हन साथ थे,नीरज ने मुझे शादी में आने के लिए थैंक्स कहा,
मैंने भी शादी में बुलाने के लिए थैंक्स कहा और अन्दर ही अन्दर बहुत खुश हुआ,नई दुल्हन मुझे ही घूरे जा रही थी,शायद उसको पता चल गया था,पर कुछ बवाल नहीं हुआ तो मैं समझ गया कि रिया ने किसी से कुछ नहीं कहा,अपने घर आने के दो सप्ताह बाद एक अनजान नम्बर से कॉल आया,मैं- हैलो कौन?उधर से- मैं वही, जिसकी तुमने सील तोड़ी थी,मैं जान गया कि ये रिया है,मैं डर गया कि अब क्या होगा,
मैंने सॉरी रांग नम्बर बोल कर फोन काट दिया,उधर से बार-बार कॉल आ रहा था,मैं बहुत डर गया था इसलिए कॉल नहीं उठा रहा था,पर हिम्मत करके मैंने कॉल उठा ही लिया,रिया- कॉल मत काटना मैं तुम्हें थैंक्स कहना चाहती हूं,मेरी सुहागरात इतनी अच्छी बनाने के लिए,मेरा शुरू से मन था कि जब मेरी सुहागरात बने तो अच्छे से मेरी चुदाई हो,नीरज की तो लुल्ली छोटी सी है,ऊपर से वह ज्यादा देर टिक नहीं पाता है,पर क्या करें मेरी किस्मत में यही लिखा था,पहली रात की चुदाई का मजा मुझे आपने दिया,
यह सब सुनकर मेरी जान जान आई,मैंने कहा- क्या यह बात नीरज को पता है?उसने कहा- उसे नहीं पता है और मैं भी किसी को कुछ नहीं बताऊंगी,बस अगर तू बीच-बीच में आकर मेरी चुदाई करता रहे, तो यह बात हम दोनों के बीच ही रहेगी,मैं बड़ा खुश हुआ कि अब कभी भी रिया की चुदाई का मजा ले सकता हूं,मैंने उसे शहर आने के लिए कहा,उसने हामी भर दी है,अब देखो कब उसकी चुदाई का मजा मिलता है,कहानी को अंत तक पढ़ने वालों का धन्यवाद..
Note ये कहानी सत्या घटना है केवल नाम और स्थान बदले हुए हैं..
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