डॉक्टर ने सील तोड़ी 

मैं देसी कहानियां पढ़ने शौकीन हूँ पर मैंने कभी भी कोई कहानी नहीं भेजी,ये मेरी पहली और सच्ची कहानी है,मेरा नाम कमल है,मैं लखनऊ में रहता हूँ, पेशे से डाक्टर हूँ, यहीं पर मेरी क्लिनिक है,मेरे साथ एक लेडी डॉक्टर…

सौतेली मां की चुदाई जवान बेटे से

हेलो दोस्तों, मेरा नाम राहुल है. मैं उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गांव का रहने वाला हूँ,यह बात अभी से लगभग २ साल पहले की उस वक्त की हैं मेरी सगी मम्मी का देहांत अठारह साल पहले किसी बीमारी…

देसी ससुर शहरी बहू की चुदाई खेत में

मैं आपके लिये एक ऐसी कहानी लाया हूँ जिसे मैंने अपनी आँखों के सामने होते हुये देखा था,इससे पहले कि मैं अपनी कहानी को शुरु करूँ, सबसे पहले मैं उन दोनों लोगों का परिचय आपसे करा दूँ, इस कहानी में…

मौसी की चुदाई ट्रेन में

हेलो दोस्तो, मैं राहुल आ गया हूं आपके लिए मेरी और कविता मौसी की चुदाई की कहानी को लेके,मौसी के बारे में बताऊ तो उनका फिगर 34-30-38 है,ये बात है तब कि जब मैं मेरी मां और मौसी तीनो सीहोर…

चूत चटवाने की शौकीन आंटी की चुदाई

हेलो दोस्तों मेरा नाम आलोक है और मैं हरियाणा का रहने वाला हूं आज आप सभी को मैं अपनी लाइफ की सबसे हसीन घटना बताना चाहता हूं. जिसको पढ़ कर लड़कियों की चूत और लड़कों के लंड से पानी की…

पहली चुदाई मां की सहेली के साथ–2

पहले भाग में आप ने पढ़ा के कैसे सुनीता जो मेरी मां की सहेली है जो अधेड़ उम्र की हैं और अलग तरीके से चर्म सुख प्राप्त करने के तरीके सिखा रही थी मुझे, मेरी मां से प्रीमिशन लेकर मुझे…

पहली चुदाई मां की सहेली के साथ–1

मैं १७ साल का था और मेरी माँ की सबसे अच्छी दोस्त सुनीता ने हाल ही में अपने पति को छोड़ दिया था, क्योंकि उसे पता चला कि वह उसे धोखा दे रहा है, उस समय सुनीता 46 साल की…

खिड़की वाली आंटी की चुदाई –2 indiasex stories

फिर हाज़िर हूँ आगे की कहानी लेकर आशा करता हूं आप को पिछला भाग पसन्द आया होगा, अगर अभी तक आप ने भाग–1 नहीं पढ़ा तो कृपया जरूर पढ़ें ले ताकि आप को और ज्यादा मज़ा आए, मैं उसके घर…

खिड़की वाली आंटी की चुदाई –1

सड़क के उस पार वाली महिला को अपनी खिड़की में चुदाई करवाना बहुत पसंद था जहाँ से मैं उसे देख सकता था। एक से ज़्यादा बार उसने मुझे हाथ हिलाया, उसे यह भी पता था कि मैं उसके सभी आदमियों…

मल्लू आंटी की मस्त चुदाई घर में – indiasex stories

मैं मल्लू के घुटने पर बर्फ लगा रहा था मल्लू मुझे बार बार बोल रही थी के रहने दो चाय ज़्यादा गर्म नहीं थी कुछ नहीं हुआ,लेकिन फिर भी मैं बर्फ़ लगा रहा