वो देखने में बहुत सुंदर थी,उसके बूब्स बहुत बड़े बड़े थे,गांड की गोलाई इतनी गदराई हुई के देख कर ही लन्ड अगड़ाई लेने लगे,मैं तो आरती को उसी समय चोदना चाहता था
तभी उनकी नियत फिसली हुई है,किसी न किसी बहाने से मेरी गांड को छू लेते या फिर हाथ फेर देते है,मैने भी कभी कुछ नहीं बोला क्योंकि मैं भी मज़े लेती थी
मैं अपने ब्लाउज़ के बटन को बंद कर के पल्लू ठीक करने के बाद चाय लेकर आई तो क्या देखती हूं, ससुर जी ने भी अपने कपड़े यानी लूंगी ठीक कर ली
नमस्कार दोस्तों मेरा नाम गीता हैं और मैं झारखंड की रहने वाली हूं, मेरे बूब्स का साइज 38 और गांड 42 की हैं,आज मैं आपको अपने जीवन की एक रोचक कहानी बताने जा रही हूं,