मकान मालिक से रिश्ता indiasex stories
मैं सफाई के बहाने उसे अपने बूब्स दिखाने लगी,पहले तो वो टांगे फैला कर बैठा था फिर कुछ समय बाद दोनों टांगो को एक दूसरे पर रख कर बैठ गया,
मैं सफाई के बहाने उसे अपने बूब्स दिखाने लगी,पहले तो वो टांगे फैला कर बैठा था फिर कुछ समय बाद दोनों टांगो को एक दूसरे पर रख कर बैठ गया,
बूब्स इतने बड़े थे के अभी ब्लाउज़ से बाहर आ जाएंगे,उसकी उम्र 32–34 के बीच रही होगी,फिर मैंने बोला आप को ड्रॉप कर दूंगा जहां भी जाना हैं वो मुस्कुराई और सामान को रख कर बैठ गई
फिर अगले दिन मैं ऑफ आया सब को हैलो करने के बाद केबिन में बैठ गया तभी मुझे रीमा ने अपने केबिन में बुलाया, मैंने सोचा इतनी सुबह ये ऑफिस भी आ गई
भाभी हमेशा साड़ी पहनती है वो भी नाभि के नीचे बहुत सेक्सी लगती है,जब मैने नगमा के बारे में बताया तो बोली हो सकता है उसकी लाइफ में कोई और होगा
उभरा हुआ बदन किसी को भी गर्म करने के लिए काफी था,वो हर रोज़ बाल्कनी में ही रहती थी,मेरा भी ध्यान अब भाभी के बदन के ऊपर जाने लगा
बैंक में एक लड़की थी जिसका नाम प्रिया था, वो मेरे पापा की सेक्रेटरी थी,बात ऐसी थी के कई दिनों से में नोटिस कर रहा था मेरे पापा रात को लेट आते थे
मैंने कहा हां मगर आज ही मैंने नोटिस किया के आप बहुत खूबसूरत और सेक्सी भी हो, मौसी मुस्कुराने लगी,फिर अचानक से बहुत तेज़ बारिश...
ज्योति बोली अच्छा तो हर दिन इस लिए मेरे आस पास रहते हो रास्ता दिखाने के लिए, मैंने कहा हां भाभी कुछ ऐसा ही समझ लो,
मैं जॉब की तैयारी कर रहा था तो एक रूम कराए पर ले रखा था,उस घर में तीन लोग रहते थे मकान का मालिक उसकी पत्नी और उसकी मां
तो हुआ ऐसा के गोविंद की बहन की शादी होने वाली थी और वो मुझे अपने साथ ले गया उसके गांव कानपुर में, ताकि मैं उसकी मदद कर सकूं