नमस्कार दोस्तों मेरा नाम शोभन है और मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ आज जो मैं आपको कहानी सुनाने जा रहा हूँ वो एक सच्ची कहानी है,कुछ महीनों पहले की बात है मेरी एक गर्लफ्रेंड हुई थी अलीगढ़ में मैं उससे फोन के ज़रिए ही बात करता था और वो मेरी जाति की ही थी और एक दिन उसने अपनी चाची से मेरी बात करवा दी फिर क्या था चाची और मैं एक दूसरे की आवाज़ को

पसंद करने लग गए और वो मुझसे मिलने की जिद करने लग गई थी अच्छा दोस्तों,मैं आपको चाची के बारे में बता दूँ कि वो करीब 34 साल की होगी और उसके 2 बच्चे हैं,उसका फिगर देखने में बहुत मस्त था,बाहर निकली हुई उनकी गांड जब चलती थी तो  उनकी गांड से नज़र नहीं हटती थी और उनके वो मोटे मोटे बूब्स..बस मन कर रहा था उन्हें बस देखता रहूँ,

अब मैं अपनी स्टोरी पर आता हूँ फिर एक दिन मैं चाची से मिलने चला गया अलीगढ़ घर पर झूठ बोल कर कि मेरे किसी फ्रेंड की शादी है तब तक मैंने चाची को नहीं देखा था,बस फोन पर ही बात की थी,तो मैं चाची के कहने पर अलीगढ़ चला गया,वहाँ पहुंच कर मैंने देखा कि जो मेरी गर्लफ्रेंड थी वो मुझे पिक करने आई है,उसका नाम आरती था,फिर मैंने उससे पूछा चाची कहां है.?

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तो उसने कहा कि वो घर है स्टेशन के मुझे से रहा नहीं जा रहा था मुझे बस चाची को देखना था वो कैसे है,फिर हम दोनों स्टेशन के घर जाने लगे मेरे दिमाग में पता नहीं क्या क्या चल रहा था,तभी मैंने देखा की एक औरत खड़ी है काले सूट में और वो मुस्कुरा कर रही थी वो हमारे करीब आने लगी. मैं समझ गया कि ये चाची है..और वो जब मेरे बहुत पास आ गई तो मैं उनकी गांड और

उनका फिगर देखकर पगा हो गया,फिर चाची ने मेरा हाल चल पूछा और हम सब एक रेस्टोरेंट पर चले गए, वहाँ हमने खाना पीना किया और इधर-उधर की बातें कि फिर देखते-देखते शाम हो गई और चाची ने कहा कि हमें चलना चाहिए और उन्होंने कहा कि मुझे यहाँ होटल में एक कमरा ले लो यहाँ रात भर आराम करना और सुबह घर चले जाना लेकिन मेरे दिमाग में तो कुछ और चल रहा था मैंने फटक से चाची से कहा मेरे साथ कौन रुकेगा

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मैं यहाँ अकेला नहीं रहूँगा फिर मैं चाची से कहने लगा कि आप चेले जाओ और आरती को रोक दो तो चाची ने मना कर दिया  क्या ऐसा नहीं हो सकता? और बहुत जिद करने के बाद चाची आखिर मेरे साथ रूम में रहने के लिए तैयार हो गई और आरती को कुछ पैसे देकर घर भेज दिया और रख दिया कि घर पर रख दे कि चाची अपनी कज़िन के यहाँ पर रुकी हुई है फिर क्या था हमने एक रूम रेंट पर लिया और उसमें चले गए फिर हमने खाना,

खाकर टीवी देखने लगे और एक दूसरे से बात कर रहे थे..तो चाची कहने लगी कि मुझे नीद आ रही है अब मैंने कहा ठीक है आप सो जाओ मैं अभी टीवी देख रहा हूँ तो उन्हें कहा ठीक है तो वो मेरी तरफ करवट ले कर सो गई उस टाइम सर्दियों के दिन थे  और उस कमरे में रजाई एक ही थी जो हम दोनों ने ओढ़ रखी थी चाची मेरी तरफ अपनी गांड कर के लेटी थी और मैं टीवी देख रहा था अचानक मैंने अपने पैरों को सिकोड़ लिया तो मैंने मेहसूस किया कि चाची की गांड मेरे घुटनों से टच हो रही हैं

फिर क्या था मेरे लंड उनकी गांड को टच करते अपने घुटनों के द्वारा ही खड़ा हो गया था और फिर मैंने अपनी घुटनों को इधर उधर करने लगा मुझे उनकी गांड की बीच वाली लाइन मेहसूस हो रही थी फिर मुझे और जोश आ गया चाची शायद सो चुकी थी फिर मैंने अपनी पैंट उतार दी और सिर्फ अंडरवियर में उनके साथ लेट गया रजाई में और मैंने टीवी बंद कर दिया मेरा उस वक्त ऐसा मन कर रहा था कि अभी अभी चाची सलवार उतार दे और झटके से उनकी गांड में अपना 8 इंच का लंड घुसा दूं 

लेकिन मेरी हिम्मत नहीं हो रही थी,फिर मैंने धीरे-धीरे अपनी एक हाथ चाची की गांड पर रख दिया क्या मजा आ रहा था,नरम नरम गुदा गुदा लग रहा था फिर मैं अपना हाथ 5 मिनट तक एक ही जगह पर रखे रहने दिया,मुझे डर लग रहा था कि चाची जग न जाए फिर मैं धीरे धीरे अपने हाथ चाची की गांड पर फेरने लगा सलवार के ऊपर से ही और उनकी गांड की लाइन में उंगली करने लगा लेकिन चाची ने कोई जवाब नहीं दिया लगता है

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वो अब सो रही थी फिर मेरी हिम्मत बढ़ गई मैंने अपना 8 इंच का लंड अपने अंडरवियर से बाहर निकाल लिया और चाची की तरफ बैठ गया,जिससे कि मेरा लंड अब चाची की गांड से टच होने लगा था अब मैं चाची की गांड की लाइन अपने लंड से महसूस कर रहा था और फिर मैं अपना लंड आगे पीछे करने लगा,जिससे कि मेरा लंड चाची की गांड से रगड़ खा रहा था मुझे उस टाइम बहुत मजा आ रहा था,फिर मैंने अपनी स्पीड और बढ़ा दी और मैंने महसूस

किया कि चाची भी अपनी गांड मेरे लंड पर मर रही है मतलब वो भी अपनी गांड को आगे पीछे कर रही है फिर मैं अचानक रुक गया और चाची मेरी तरफ पलटी और मेरी आँखों में देखने लगी और वो अपना हाथ मेरे लंड पर ले गई और उसे हिलाने लगी फिर मैंने झट से चाची को पकड़ लिया और उनके होठों को किस करने लगा पागलो की तरह और वो भी साथ दे रही थी और उनकी पकड़ मेरे लंड पर और ज्यादा हो गई फिर मैं चाची के ऊपर आ

गया और उन्होंने दोनों पैर खोल लिए थे फिर मैं उन्होंने सलवार के ऊपर से ही हल्के हल्के झटके मारने लगा और उन्होंने कहा क्या कर रहा था,वो सिसकियां भर रही थी और फिर मैंने अपने हाथों में उनके बड़े बड़े बूब्स ले लिए और उन्हें दबाने लगा वो आआह्ह्ह आआह्ह्ह ह्हाह्ह्ह आवाज करने लगी,फिर मैंने उनकी ऊपर की कुर्ती उतार दी,उनके काले रंग की ब्रा थी और उसमें से उनके बूब्स बाहर आने को तड़प रहे थे फिर मैंने उन्हें आजाद कर दिया,

फिर मैंने उनकी सलवार की तरफ बढ़ा उनका नाड़ा खोल दिया और उसे उतार दिया,उन्होंने काले रंग की पैंटी डाली हुई थी,फिर मैंने देर न करते हुए वो बी उतार दी अब चाची पूरी नंगी थीं मेरे सामने और मैंने भी अपने कपड़े उतार के उन पर लेटा दिया और उन्हें दुबारा चूमने लगा,उन दोनों पर पहला रखे थे जिससे कि अब मेरा लंड उनकी चूत के मुंह पर टकरा रहा था और उनके बूब्स मेरी छाती से रगड़ खा रहे थे,बहुत मजा आ रहा था,

चाची बहुत अजीब अजीब तरह की आवाज निकल रही थी अब मैंने उनके मोटे बूब्स को अपने मुंह में भर लिया और उन्हें बुरी तरह से चूसने लगा चाची पागल सी हो गई थी और फिर अचानक उन्होंने मुझे नीचे किया और खुद ऊपर आ गई और पागलों की तरह मुझे चूमने लगी और वो मेरे लंड के ऊपर बैठी हुई थी मुझे उनकी गरम चूत साफ महसूस हो रही थी  थी और वो धीरे धीरे नीचे की तरफ गई और मेरे लंड को अपने मुँह में ले लिया,

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और उससे पगलो की तरह चूसने लगी,मैं तो बस सातवें आसमान पर था,फिर मैंने चाची को नीचे किया और उनकी चूत को चाटना शुरू किया,उनकी चूत का टेस्ट नमकीन जैसा था और उसमें से मदहोश करने वाली खुशबू आ रही थी,चाची पागल हो चुकी थी और मेरे सिर को पकड़कर अपनी चूत में दबाने लगी और आवाज़ निकालने लगी आह अहह…उह्ह्ह स्सीईई फिर मैंने उठाया और चाची कहने लगी मेरे राजा और  कितना तड़पाओगे डाल दो अपना लंड मेरी चूत के अंदर में ये सुनते ही मैंने देर नहीं की 

झट से मैंने चाची चूत पर लंड रखा और धक्का मारा वो आधा अंदर चला गया चाची आह्ह आह्ह्ह करने लगी फिर मैंने एक और धक्का मारा जिससे की पूरा लंड घुस गया जुड़ तक और चाची चिल्लाने लगी….मर गई….फिर मैं थोड़ी देर रुक गया फिर थोड़ी देर बाद धीरे-धीरे झटके मारना शुरू किया मैंने देखा कि चाची भी गांड उठा उठा कर साथ दे रही है,फिर मैंने और तेज स्पीड कर दी.. चाची…आवाज निकलने लगी

अह आह ओह ओह ओह. कम से कम 30 मिनट तक मैंने चाची को जोर जोर से धक्के मारे फिर उसके बाद वो झड़ गई और मैं भी झड़ गया और फिर उनकी तरफ लेट गया,फिर थोड़ी देर बाद मेरे लंड ने दोबारा जोर मारा और फिर मैंने चाची को किस करने लगा और वो भी करने लगी फिर मैंने चाची को घोड़ी बनने को कहा तो वो झट से खड़ी हो गई और अपनी मोटी गांड मेरे लंड की तरफ कर दी फिर मैंने चाची की गांड की तरफ बड़ा और मैंने अपना लंड 

उनकी गांड की छेद पर रख दिया और धक्का मारा लेकिन वो घुसा ही नहीं फिर चाची ने अपने पैर और खोल दिए और फिर मैंने अपना लंड उनकी गांड पर रख कर और उनकी जांघों से पकड़ कर एक ज़ोरदार झटका मारा जिसे आधा लंड घुस गया..और चाची चीख पड़ी आह अहह ओह लेकिन मैं नहीं रुका एक और झटका मारा और पूरा लंड डाल दिया,उनकी आँखों से आँसू आ गए और मैं उनकी गांड मारने लगा और थोड़ी देर बाद उन्हें

मजा आने लगा और वो भी गांड को आगे पीछे करने लगी इसी तकलीफ पूरी रात हम ये सेक्स का खेलते रहे मैंने उन्हें 4-5 बार चोदा उस रात और वो आज भी मेरे लंड की दीवानी है,कहानी को अंत तक पढ़ने वालों का धन्यवाद..

Note ये कहानी सत्या घटना है केवल नाम और स्थान बदले हैं..

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