नमस्कार दोस्तों मेरा नाम अजय है और मैं 20 साल का हूँ,मैं हरियाणा का रहने वाला हूँ और मेरी बॉडी काफी अच्छी है,क्योंकि मैं रोज़ जिम जाता हूँ,इस कहानी में पढ़िए, कि मैंने अपने पड़ोस में रहने वाली आंटी को कैसे चोदा उस आंटी का नाम अनीता है और वह लगभग 40 साल की है वह गोरी और बहुत अच्छी दिखती है,उनके बूब्स तो पूरे भरे हुए हैं और उनकी गांड भी एक

दम गोल और मुलायम है। इस उम्र में भी वह 26 साल की लड़की की तरह लगती है,यह बात तब की है, जब मार्च 2020 में लॉकडाउन शुरू हुआ,आंटी के पति बाहर किसी दूसरी स्टेट की कंपनी में जॉब करते हैं, तो वो आंटी का कुछ ज़्यादा खास ख्याल नहीं रख पाते आंटी के घर की छत हमारी छत से बिल्कुल जुड़ी हुई है,जब लॉकडाउन शुरू हुआ,तो मुझे कहीं से भी चुदाई करने का कुछ उपाय नहीं मिल रहा था,क्योंकि मेरी गर्लफ्रेंड का घर भी

दूसरी स्टेट में है, तो मैं उसके पास भी नहीं जा सकता था। एक दिन दोपहर को मैं छत पर ऐसे ही छांव में बैठा था। तभी आंटी ऊपर कपड़े सुखाने आई, तो उन्होंने मुझसे पूछ लिया,आंटी अरे अजय, यहाँ ऊपर इतनी गर्मी में क्या कर रहे हो? नीचे चले जाओ, वरना गर्मी लग जाएगी,मैं: अरे आंटी, मैं तो बस बोर हो गया था, तो ऊपर आ गया,फिर आंटी ने कहा: अच्छा मुझे तुमसे एक काम है,कर दोगे?माई: हाँ क्यों नहीं, आप बताइए क्या काम है?

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आंटी: बेटा वो बेड को शिफ्ट करना था,तो तुम हेल्प करने आ जाओगे? माई: ठीक है मैं आ जाता हूँ,उस दिन आंटी घर के नीचे थीं,उन्होंने ऊपर टॉप पहना था और एक-दम कमाल की हसीना लग रही थी,मैं उनके साथ बेडरूम में गया,तो उन्होंने कहा-बस बेड को ऊपर उठाना है और इसके नीचे ईंटें रखनी हैं,ताकि पानी लगकर बेड खराब न हो,वैसे बेड ज़रा भारी है,तो ध्यान से उठाना।मैं: कोई बात नहीं आंटी, जिम किस काम आएगा,

आंटी: ओहो! चलो दिखाओ फिर आज अपना दम,मुझे भी तो पता चले,कि आखिर क्या करते हो तुम जिम जाकर,फिर मैं बेड को एक तरफ से उठा देता हूँ और आंटी उसके नीचे ईंटें रख देती हैं,पर आंटी जब झुकती है, तो मुझे उनके टॉप में से उनके सुंदर-सुंदर बूब्स के दर्शन हो जाते हैं,ऐसे ही 4 बार बेड उठाने की वजह से मेरा लंड खड़ा हो जाता है और मैं थोड़ा थक भी जाता हूँ,फिर आंटी मुझे बोलती है-आंटी: वाह बेटा! शाबाश।

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पर तभी आंटी की नज़र मेरे नीचे पड़ती है और वो मेरा खड़ा हुआ लंड देख लेती है,लेकिन आंटी कुछ कहती नहीं,मैं: हो गया आपका काम?आंटी (फ्लर्ट करते हुए बोलती है): अभी तो बहुत कुछ बाकी है,मैं: बताइए,मैं वो भी कर देता हूँ,आंटी : हाँ रुको, पहले मैं तुम्हारे लिए चाय बना देती हूँ,मैं चाय कम ही पीता हूँ,आंटी फिर दूध बना देती हूँ,मेरा मन तो बस आंटी का दूध पीने का हो रहा था,फिर आंटी किचन की तरफ चली जाती है और मैं सोफे पर

बैठ जाता हूँ,आंटी का मोबाइल रखा होता है और उसमें कोई लॉक भी नहीं था,तो मैं नंबर एक्सचेंज कर लेती हूँ,आंटी दूध लेकर आती है और जब वो झुककर दूध दे रही होती है,तब मेरा ध्यान सिर्फ उनके बूब्स पर होता है,फिर आंटी बोलती है-आंटी बेटा गिलास पकड़ो भी अब फिर मैं परेशान हो गया उनके हाथ से ग्लास ले लेता हूँ,तब भी आंटी बोलती है-आंटी अब मेरे अंदर वो बात नहीं रही है,जो तुम मुझे ऐसे देखो और मैं उनकी बात

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सुनकर शर्मिंदा होता हूँ,आंटी: बार-बार वहाँ क्यों देख रहे थे तुम, बताओ ज़रा?मैंने कहा पर?आंटी मुझे सब पता है,कि तुम जैसे जवान लड़के को जहाँ मौका मिले,वहीं पे लग जाते हो,मैं नहीं ऐसी बात नहीं है आंटी,आंटी अच्छा फिर कैसी बात है?फिर मैं टॉयलेट का बहाना करके उनके बाथरूम में चला जाता हूँ और वहाँ पर आंटी की ब्रा-पैंटी पड़ी होती है,जब मैं उन्हें सूंघता हूँ,तो मदहोश हो जाता हूँ और आंटी की पैंटी अपनी जेब में डालकर

घर लेके आ जाती हूँ अगले दिन आंटी हमारे घर आती है और मॉम से कुछ बात करने लगती है,फिर मेरे को अकेले में देखकर वो बोलती है-आंटी: कुछ काम था,घर आना,मैं जब शाम को उनके घर जाता हूँ,तो उनके कपड़े भीगे हुए होते हैं और वो बोलती है-आंटी: अच्छा हुआ अजय तुम आ गए,मेरे बाथरूम का नल खराब हो गया है,उसको ठीक करने के चक्कर में मैं भीग गई,आंटी के निप्पल पूरे दिख रहे होते हैं और कपड़ों के भीगने के बाद

तो मैं और मदहोश हो जाता हूँ,फिर आंटी बोलती है-आंटी: क्या तुम इसको ठीक कर दोगे? मैं हाँ ज़रूर फिर मैं जल्दी से उस पानी को ठीक कर देता हूँ और बोलता हूँ-मैं: अब आप नहा सकते हो आंटी: थैंक यू बेटा मैं:अरे कोई बात नहीं आंटी,आंटी: चलो अब मैं नहा लेती हूँ। तुम बाहर सोफे पर बैठो,जब आंटी नहा रही होती है, तब मैं यही सोचता हूँ,कि काश आंटी को बस एक बार किसी तरह से चोदने का मौका मिल जाता है फिर आंटी बोलती है

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आंटी: अजय बाहर से मेरा तौलिया पकड़ना,तौलिया लेने के लिए आंटी का एक हाथ बाहर आता है और मैं दे देता हूँ,फिर आंटी शायद जान-बूझकर गिरने का बहाना करती है इससे पूरा दरवाज़ा खुद खुल जाता है और मैं आंटी को पकड़ कर खड़ा करता हूँ और पूछता हूँ-मैं: आप ठीक हो ना? उस टाइम मेरे मुँह से नकल जाता है-मैं: अनीता कहीं चोट तो नहीं आई? ये सुन कर आंटी मेरा मुँह देखने लग जाती है,फिर आंटी को ख्याल आता है,कि वो नंगी

खड़ी है और फिर वो अपने आप को ढकने की नाकाम कोशिश करती है,उनके बदन से आ रही मीठी खुशबू को सूंघ कर मैं खुद को रोक नहीं पाती हूँ और आंटी के चेहरे के पास आ जाता हूँ,फिर मैं आंटी के होठों पर किस कर देती हूँ और आंटी तो कुछ बोल ही नहीं पाती,फिर मैं पागल सा होकर आंटी के बूब्स दबाने लग जाती हूँ,आंटी: आह.. जाओ यहाँ से, क्या कर रहे हो?मैं जो कब का करना चाहिए था मुझे आंटी यह गलत है,मैं अब दूसरा हाथ

आंटी की चूत पर रख कर बोलता हूँ-मैं: क्या इसकी भी आग बुझाना गलत है?आंटी मैं जानती हूँ, कि अंकल महीने घर नहीं आते हैं और अब तो वैसे भी लॉकडाउन है,तो वो पता नहीं कब आएंगे,आंटी: हम्म, पर फिर भी मैंने तुम्हें कभी इस नज़र से नहीं देखा, मैं आंटी की चूत को दबाते हुए बोलता हूँ-मैं: फिर क्या हुआ, आज देख लो,आंटी: मुझे पता है,कि उस दिन बाथरूम से तुम मेरी पैंटी ले गए थे,मैं हां आप हो ही इतने कमाल के,कि मैं क्या करूँ,

फिर आंटी बोली: अब बोलते ही रहोगे,या कुछ करोगे भी?मैं शॉवर ओन कर देता हूँ और आंटी पे टूट पड़ता हूँ मैं ज़ोर-ज़ोर से आंटी के बूब्स मसलने लगता हूँ,मैं:आंटी आपने अपनी बॉडी वेल मेंटेन रखी है और वो भी इस उम्र में,आंटी: हां अजय तुम भी तो जिम जाते हो ना, मैं अनीता आज सिर्फ तुम मेरी हो,आज तो मैं तुम्हारी चूत खा जाऊँगा,अब मैं आंटी की चूत में 2 उंगलियां घुसा देता हूँआंटी: उह्ह..आंटी की चूत पूरी टाइट है और आंटी बोलती

है-: चोद दो आज मुझे अजय और रंडी बना दो मेरी इस चूत को फाड़ दो, मैं: हाँ बिल्कुल मेरी जान,फिर मैं आंटी के बालों को पकड़ के उन्हें अच्छे से किस करता हूँ और नीचे बैठ कर आंटी की चूत पे मुँह लगा देती हूँ,आंटी तो सातवे आसमान पर उड़ने लगती है और बाथरूम में ज़ोर-ज़ोर से आहें भरने लगती है,आंटी की चूत का स्वाद नमकीन सा था और मैं अपनी पूरी जीभ अंदर डालकर चाटना शुरू कर देती हूँ,आंटी: आई.. मैं पागल हो रही हूँ उह्ह..

ये बोल कर आंटी मेरा लंड पकड़ लेती है और मुझे नंगा करना शुरू करती है मेरी बॉडी देखकर आंटी शॉक्ड रह जाती है और उनकी आँखों में चमक आ जाती है और मुझे ज़ोर से गले लगाकर कहती है-आंटी: मैं बहुत लकी हूँ, क्योंकि मैंने पहले कभी ऐसी बॉडी नहीं देखी और तुम तो मुझे चोदने जा रहे हो,आंटी मेरा अंडरवियर निकाल देती है और मेरा 7 इंच लंबा लंड जो अच्छे से हाथ में भी नहीं आ रहा होता बाहर आ जाता है फिर वो कहती है

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आंटी: आज बहुत मज़ा आएगा,मैं उन्हें गोदी में उठाकर बाथरूम से बेड पे ले जाता हूँ और उनको बेड पे लिटा देता हूँ,फिर मैं अपने हाथ से उनकी चूत की दोनों फांकों को अलग करके उसमें थूक गिराता हूँ,फिर मैं बोलता हूँ- मैं अनीता, मेरी कुतिया, तू आज बहुत चुदेगी,आंटी: बहनचोद लंड डाल दे,अब मुझसे रहा नहीं जा रहा है,मैं अब आंटी की चूत पे अपना लंड रगड़ता हूँ और बूब्स को चूसना शुरू कर देता हूँ,उनके मोटे-मोटे बूब्स और उनके एक-दम

गोल से निप्पल कमाल के थे,मैं आंटी के निप्पल पे अपनी जीभ घुमा देता हूँ,आंटी के निप्पल खड़े हो जाते हैं और वो मेरे सिर पे हाथ फेरने लगती हैं,अब मैं अपना लंड उनकी चूत में डाल कर धक्का लगाता हूँ,आंटी: आह.. मेरी चूत..अब मैं अपना लंड अंदर-बाहर करना शुरू करता हूँ और आंटी भी मेरा पूरा साथ देती है,वो भी गांड उठा-उठा कर मुझे हर धक्के में अलग ही मज़ा आता है, जैसे जन्नत में झूला झूल रहा हूँ,फिर आंटी का माल

निकलने वाला होता है,आंटी: आआह… माँआआ..फिर मैं और तेज़ झटके लगाने लग जाता हूँ और बोलता हूँ-मैं: आंटी मेरा होने वाला है, माल कहाँ निकालूँ?आंटी जोश में कहती है: चूत में ही डाल दो और मैं अपना सारा माल उनकी चूत में निकाल देता हूँ और उनका भी माल निकल जाता है,आंटी: जो सुख मुझे तुम्हारे साथ सोके मिला है,वो पिछले 10 सालों में अपने पति के साथ भी नहीं मिला,तुम प्लीज़ मुझे रोज़ चोद दिया करो,कहानी को अंत तक पढ़ने वालों का धन्यवाद..

Note ये कहानी सत्या घटना है केवल नाम और स्थान बदले हुए हैं…

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