नमस्कार दोस्तों मेरा नाम आशीष है मेरी उम्र 22 साल है, हाइट 5’10 इंच है,रंग गोरा है और एक्सरसाइज़ की हुई बॉडी है मैं लखनऊ में रहता हूँ,जब मैं 18 साल का था तब का अनुभव आप लोगों को बता रहा हूँ,मेरे घर के बगल में एक आंटी रहती है,उनका नाम आकांक्षा है,वो टीचर है और मेरी मम्मी की अच्छी दोस्त है मेरी मम्मी गवर्नमेंट जॉब में है और शाम को 4 बजे के बाद घर आती है ये मेरी कहानी का भाग -2 है
मैंने कहा आप सच्च में बहुत अच्छी हो आंटी वो मेरे गले में दोनों हाथ डाल के बोली, कितनी फिकर है तुझे मेरी मुझे बहुत पसंद करता हो तुम कुछ देर हम दोनों चुप रहे और वो मेरी आँखों में देखती रही मुझे उनकी और अपनी सांस तेज़ चलने की आवाज़ आ रही थी,वो मुझे अब वो आंटी नहीं लग रही थी जिनसे मुझे रोज़ मिलता था,वो मुझे हवास की प्यासी लग रही थी,वो मुझे से लिपट गई और मुझे अपनी बाहों में कस कर ज़कड़ लिया और
अपना सिर मेरे सीने में रख दिया और मुझे कहने लगी मुझे छोड़ के मत जाना कभी मैं बहुत अकेली हूँ मैंने कहा नहीं जाऊँगा उनकी खुशबू मुझे आ रही थी मैंने भी उन्हें पकड़ लिया,फिर वो मेरे होठों को पास अपने होंठ ले आई और मेरे धीमे ने काम करना बंद ही कर दिया था,वो मुझे चूमने लगी और मैं भी होस को बैठा और हम दोनों को एक दूसरे को बेतहासा चूमे जा रहे थे,मैंने उनको गर्दन,गालों,होठों हर जगह चूमा,अब वो मेरी शर्ट उतारने
लगी और फिर अपनी साड़ी उतार दी,अब वो बहुत ही सेक्सी लग रही थी,हम एक दूसरे को चूमते रहे मैंने उनको सीने पर खूब चूमा और उनकी लड़कियों के सॉफ्ट पेट पर भी खूब चूमा, उनकी नाभि में मैंने अपनी जीभ से खूब खेला और चूमा और उनके हिप्स अपने हाथों से दबाता रहा,उनके हिप्स मेरे हाथ में नहीं आ रहे थे, बहुत बड़े और सॉफ्ट थे,अब उन्होंने अपना पेटीकोट और ब्लाउज भी उतार दिया वो ब्रा और पैंटी में गजब की खूबसूरत लग रही थी
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मैं भी चड्डी में था और मेरा लंड एक दम खड़ा था मैंने उनको बेड पर लेटाकर उनके ऊपर जाकर खूब चूमा और फिर उनकी जांघों को छूने लगा,वो मस्त हो चुकी थी और मेरे बालों में हाथ फेर रही थी,काफी देर तक मैं उन्हें चूमता रहा,वो सिसकियां भर रही थी,अब उनकी ब्रा को मैंने उतार दिया और उनके बड़े मुलायम बूब्स को छूने लगा,मेरे सर को पकड़कर बूब्स में दबा रही थी,मैं उनके निप्पल को खूब चूस रहा था और उनके निप्पल एकदम खड़े थे,
अपनी उंगलियों से उनकी चूत को पैंटी के ऊपर से धीमे धीमे रगड़ रहा था,अब वो एक दम गरम हो चुकी थी और मैं भी.वो अपने मुँह से धीमी धीमी आवाज़ निकल रही थी आह ओह्ह.फिर मैंने अपना मुँह नीचे ले गया और पैंटी को साइड से पकड़कर ऊपर की और खींचा जिससे उनकी पैंटी चूत पर एक दम टाइट हो गई.उनकी चूत का पानी पैंटी के ऊपर नज़र आ रहा था,मैंने टाइट की हुई पैंटी के ऊपर से चूत को उंगलियों से सहलाना और चाटना शुरू
कर दिया,10 मिनट तक उनकी पैंटी चूत के पानी से भीग गई,मैंने उसे खूब चाटा फिर मैंने उनकी पैंटी उतार दी,अब उनकी चूत साफ साफ दिख रही थी मैंने पहली बार सामने से चूत देखी थी, वो एक लाइन थी जो उनकी क्लिट से दो तरफ से बनी हुई थी मैंने उनकी क्लिट को दोनों किनारे से पकड़ा और जीभ से चाट रहा था,फिर मैंने उसमें उंगली डाली तो वो पूरी गीली थी मैंने उनकी चूत की टुंडी को उंगलियों से खूब सहलाया और जीभ से खूब
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नीचे तक चाटा फिर मैंने उनके नीचे 69 की पोजीशन में लेट गया और उनके हिप्स को अपने हाथों से पकड़कर खूब दबाया और सहलाया और उनकी चूत का क्लिट और अंदर चाटता रहा इस बीच वो मेरे लंड को चूस रही थी,वो मेरे सुपारे को चूस रही थी, और अपने हाथ से मेरी गोलियों को दबा और मसल रही थी,मुझे बहुत मज़ा आ रहा था,करीब 10 मिनट तक मैं उनकी चूत को और वो मेरे लंड को छू रही थी,उसके बाद मैंने उनके मुँह में अपना
पानी डाल दिया और सारा पानी पिलाया उनकी चूत से भी काफी पानी आने लगा था मैंने सारा पानी पी लिया,उनकी चूत की खुशबू ने मेरी सेक्स की भूख और बड़ा दी,अब मैंने उनको घुमा दिया और उनके ऊपर लेटकर उनके सीने और बूब्स और निप्पल को छूने लगा हमारा जिस्म एक दूसरे से रगड़ रहे थे और हम एक दम मस्त हो चुके थे मैं उनके ऊपर लेता था और मेरा लंड उनकी चूत पर रखा था फिर उन्होंने मेरे लंड को चूसकर एक दम खड़ा कर
दिया और मैंने उनको फिर लेटा कर उनकी चूत की लाइन पर लंड के सुपारे को खूब रगड़ा,वो एक दम मस्ती में आ गई और मेरा लंड तैयार था, वो आह अहह…ह्ह्ह्ह…. करते हूँ बोली अब नहीं सहा जाता डाल दो मैंने एक झटके में अपना लंड उनकी चूत में डाल दिया,उनकी तो चीख निकल पड़ी आआआ… और आँखों में हल्के आसू गए,वो एक दम उछल पड़ी थी,वो बोली धीरे-2 स्पीड बढ़ाना तो शुरू में मैंने आराम से किया,फिर मैंने अपने लंड को बहुत आगे
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पीछे किया और वो हिल रही थी,उनके बड़े-बड़े बूब्स उछल रहे थे और वो आगे पीछे हो रही थी और अपनी गांड और कमर घुमाकर मज़ा लेने लगी,फिर 10 मिनट के बाद मैंने चूत में लंड हिलाते हुए उन्हें उठाया और अपनी बाहों में भरकर अपने सीने से उनके बूब्स चिपका लिए,वो भी मुझे अपनी बाहों से कस कर पकड़ी हुई थी और अपनी जांघों से मेरी कमर को जकड़ रखा था,अब मुझे गजब के एहसास हो रहा था,वो मेरे लंड पर ऊपर नीचे रही थी और
उनको मैंने पीठ से दोनों हाथों से पकड़ रखा था उनके कोमल चूचियाँ मेरे सीने पर रगड़ रही थीं और मैं उन्हें चूम भी रहा था वो तेज़ तेज़ आह ओह की आवाज़ निकाल रही थी,कुछ देर बाद वो ढीली पड़ने लगी और उनकी पकड़ भी कम हो गई,कभी वो मुझे छूती थी, कभी मैं उनके सीने पर, कभी चूचियों को,फिर कुछ देर बाद वो अह आह करते हुए झड़ गई और उनकी चूत में पानी भर गया वो ढीली पड़ चुकी थी,अब मैं उन्हें लेटा कर चोद रहा हूँ,
अब बार-बार पूछ-पूछ की आवाज़ आ रही थी और अपनी आँखें बंद करी हुई अपने होंठ दबा कर मज़ा ले रही थी,कुछ देर बाद मैंने अपना पानी उनकी चूत में छोड़ दिया और मैं आह अहह की चीख के साथ उनके ऊपर ही ले गया मेरा लंड उनकी चूत में पड़ा रहा और हम दोनों एक दूसरे के ऊपर पड़े रहे और किस करते रहे, थोड़ी देर बाद उठा और फिर उन्होंने मेरे लंड को धीरे-धीरे दो बार चूसना शुरू किया और मेरा लंड फिर खड़ा हो गया और एक बार
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और चुदाई की इस बार उन्होंने पेट के बाल बिस्तर पर लेटा और पेट के नीचे एक तकिया रखा जिससे उनकी गांड डोरी ऊपर हो गई फिर मैं पीछे से उनकी चूत में लंड डालकर उनके ऊपर लेट कर हिला रहा है,मैंने उनकी पीठ को खूब छुआ और उनके ऊपर लेटकर उनके सॉफ्ट हिप्स पर रगड़ते हुए उनकी चूत का मज़ा लेता रहा मैं उनकी सॉफ्ट गांड पर ऊपर नीचे हो रहा था और कभी उनकी गर्दन, कभी पीठ को छूमता वो,चुप चाप सिसकियाँ
लेते हुए लेटी रही,कुछ देर बाद हम दोनों झड़ गए और मैं उनके ऊपर ही पड़ा रहा,कुछ देर सोने के बाद हम नहाने चले गए और मैंने आंटी को पूरे बदन पर साबुन लगाया और आंटी ने मुझे हमने एक साथ चिपकाकर शॉवर लिया और मैं उनकी चूचियों को चूमता रहा और उनकी चूत में उंगली करता रहा फिर रात को मैं अपने घर आ गया,अब वो अकेले ही घर में रहती है क्योंकि उनका डाइवोर्स हो चुका है फिर उस दिन के बाद आज तक हमने कई
बार सेक्स किया और जब मौका मिलता है मैं उनके घर जाकर
सेक्स करता हूँ और वो भी खूब मज़े से मेरे साथ सेक्स करती है,यह मेरा पहला सेक्स था उम्मीद है आपको पसंद आएगा अगर
किसी भी भाभी या आंटी को मेरे साथ सेक्स का मज़ा लेना हो तो मुझे मेल करे,कहानी को अंत तक पढ़ने वालों का धन्यवाद..
Note ये कहानी सत्या घटना है केवल नाम और स्थान बदले हुए हैं…
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